इंडिया टीवी पर मधु किश्वर को कुछ भी बोलने की आजादी मिली हुई थी। मधु किश्वर के पास लड़की तीन महीने पहले पहुंची जहां उसका वीडियो टेस्टीमनी तैयार किया गया। टेस्टीमनी में लड़की कहती है कि वह नीट शराब पीती है। मुझे भी कईयों ने बताया कि उस रात वह पूरी बोतल पी गई थी। लेकिन इंडिया टीवी पर मधु किश्वर झूठ बोलती रही कि उसके सॉफ्ट ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया गया था।
क्या रजत शर्मा और अभिषेक उपाध्याय ने उस लड़की का वीडियो टेस्टीमनी नहीं देखा था, या फिर मधु किश्वर को उनके चैनल पर खुर्शीद को हत्या तक उकसाने के लिए कुछ भी बोलने की आजादी मिली हुई थी। मधु किश्वर ने यह भी झूठ बोला कि बूंद को फंडिंग खुर्शीद की संस्था से होती है, लेकिन रजत शर्मा या अभिषेक उपाध्याय ने फंडिंग के ब्यौरे का सवाल नहीं उठाया।
यह भी नहीं बताया कि आखिर आईएसडी ने बूंद को कितनी फंडिंग मिली हुई थी। मधु इसी तरह के झूठ पर झूठ बोले जा रही थी और रजत शर्मा बोल रहे थे कि इस मामले को हम अंजाम तक पहुंचाएंगे। मधु किश्वर ने अपने दफ्तर में तीन महीने पहले तैयार किए गए वीडियो टेस्टीमनी को किसी लीगल सेल में ले जाने की बजाय उसे जगह-जगह घुमाती रही। आरोपों को उसने तथ्यों की तरह पेश किया। और जब इंडिया टीवी के पुराधाओं के पास सभी आरोप पहुंचे तो उन्होंने खुर्शीद को आरोपी की बजाय अपराधी की तरह दिखाया। याद रखिएगा कि रजत शर्मा ने कहा था कि हम इस मामले को अंजाम तक पहुंचाएंगे, लेकिन अब उनका जनाजा निकलेगा।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





