वरिष्ठ पत्रकार अशोक चौधरी का नाम जनसंदेश टाइम्स, गोरखपुर के प्रिंट लाइन में बतौर संपादक दिसंबर के पहले हफ्ते से जाने लगा है. शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के जाने के बाद प्रबंधन ने अशोक चौधरी पर भरोसा किया और उन्हें संपादक बना दिया. गोरखपुर में वंचितों के पक्ष में छात्र राजनीति से लेकर किसान-मजदूर राजनीति और फिर पत्रकारिता के जरिए आवाज उठाने वाले अशोक चौधरी हिंदी बेल्ट के उन गिने चुने दलित पत्रकारों में से हैं जो संपादक की कुर्सी तक पहुंच सके हैं. अशोक गोरखपुर में हिंदुस्तान, दैनिक जागरण समेत कई अखबारों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं.
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