गोरखपुर में जनसंदेश टाइम्स ने जागरण को झटका देना शुरू कर दिया है. प्रारम्भिक खबर है कि जागरण से एक दर्जन लोगों ने इस्तीफा दे दिया है. हालांकि अभी इनलोगों का नाम और पद का पता नहीं चल पाया है. साथ ही कम से कम एक दर्जन और लोगों के जागरण से इस्तीफा देने की संभावना है. सभी लोग अपने अप्वाइंटमेंट लेटर का इंतजार कर रहे हैं. वहीं जागरण ग्रुप के बच्चा अखबार आई नेक्स्ट की हालत भी खराब होती दिख रही है.
आई नेक्स्ट में डेली होने वाली मीटिंग आज नहीं हो पाई. एक भी रिपोर्टर ग्यारह बजे होने वाली मीटिंग में नहीं पहुंचा. सूत्रों का कहना है कि मीटिंग में फोटोग्राफर प्रदीप के अलावा किसी अन्य की उपस्थिति नहीं हुई. कोआर्डिनेटर अविनाश चतुर्वेदी अकेले इंतजार करते रहे. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही काम्पैक्ट से आए राकेश के आने की संभावना थी पर आई नेक्स्ट प्रबंधन द्वारा वादा पूरा नहीं किए के चलते राकेश भी जनसंदेश के पाले डोलते नजर आ सकते हैं. हालांकि इसका कारण जनसंदेश टाइम्स के अलावा कोआर्डिनेटर अविनाश का रवैया भी बताया जा रहा है. ज्यादातर रिपोर्टर इनके रवैये से परेशान हैं.
बताया जा रहा है कि शैलेंद्र मणि ने इन दोनों अखबारों की कमर तोड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि आज की स्थिति को देखते हुए छुट्टी पर गए सीकेटी और आई नेक्स्ट के सीओओ आलोक सांवल के भी गोरखपुर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. ये लोग दैनिक जागरण और आई नेक्स्ट में हुए डैमेज को कंट्रोल करने की रणनीति पर काम कर सकते हैं. हालांकि अभी की खबर है कि अप्वाइंटमेंट लेटर न मिलने से आई नेक्स्ट के रिपोर्टर फिलहाल कोई रिस्क नहीं उठा रहे हैं, पर लेटर मिलते ही सभी इस्तीफा देकर रफूचक्कर हो जाएंगे. इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है. अब देखना है कि अगले चौबीस घंटों में ऊंट किस करवट बैठता है.





