: मीडिया और विपक्षी प्रत्याशियों पर कसा जा रहा शिकंजा : बदायूं। चुनाव आयोग के नियमों का भय विपक्षी प्रत्याशियों के साथ मीडिया को ही दिखाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए एक अखबार के कैलेंडर में छपे विज्ञापनों तक पर कार्रवाई कर दी, जबकि सत्ताधारी खुलेआम आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं, पर उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसकी व्यापक स्तर पर चर्चा की जा रही है। निष्पक्ष चुनाव कराने के इरादे से आयोग का मिजाज कडक़ है।
चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने या किसी भी स्तर पर मतदाताओं को
प्रभावित करने के इरादों पर रोक लगाने के लिए आयोग ने कड़े निर्देश जारी किये हैं, पर स्थानीय प्रशासन आयोग के नियमों का अपने अनुसार प्रयोग करता नजर आ रहा है, क्योंकि शुक्रवार को बरेली से प्रकाशित हिंदुस्तान अखबार के कैलेंडर में छपे विज्ञापनों पर ही कार्रवाई कर दी, जबकि बिल्सी विधान सभा क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी की हाइवे किनारे दीवारों पर वॉल पेंटिंग स्पष्ट दिखाई दे रही है, लेकिन यह वॉल पेंटिंग तहसील प्रशासन के साथ जिला प्रशासन को भी दिखाई नहीं दे रही है, इससे साफ है कि सत्ताधारी प्रत्याशियों का खुलेआम साथ दिया जा रहा है और विपक्षी दलों के प्रत्याशियों के साथ मीडिया पर कार्रवाई की जा रही है।





