सूरज प्रकाश : आम आदमी पार्टी के नेताओं के सत्ता सुख के लिए धीरे धीरे पसरते हाथ देख कर जार्ज आर्वेल के शानदार उपन्यास एनिमल फार्म की बहुत याद आ रही है। सारे के सारे पात्र वहां मौजूद हैं। जो संवाद आज बोले जा रहे हैं, वे 65 बरस पहले के इस उपन्यास में जस के तसपढ़े जा सकते हैं। उपन्यास www.hindisamay.com पर पढ़ा जा सकता है।
साहित्यकार सूरज प्रकाश के फेसबुक वॉल से.
Akhilesh Akhil : अगर आप राजनीति करने निकले हैं तो राजनीति से बच नहीं सकते। केजरीवाल साफ़ सुथरी राजनीति के नाम पर राजनीति कर रहे हैं या करते दिख रहे हैं। लेकिन अब वे राजनीति के शिकार हो रहे हैं या फिर राजनीति को समझ रहे हैं। अब केजरीवाल समुदाय को सभी सुविधाये मिल रही हैं और मिलेंगी भी। पहले इन सुविधाओं का वे विरोध कर रहे थे।
कांग्रेस और बीजेपी जैसी पार्टियां पहले केजरीवाल के लोगों को हर बुरे कामों का आदत लगा देंगी फिर हमला करेंगी। केजरीवाल की तरह की राजनीति असम में अगप ने भी किया था। बाद में रसातल में चले गए। केजरीवाल से ज्यादा धारदार राजनीति ममता बनर्जी ने की थी। कई राज्यों में कुछ सीट भी मिली। ममता खुद भ्रष्टाचार के आरोप में हैं। लगता है केजरीवाल लोगों को भावुक बनाकर देश की राजनीति चलाना चाहते हैं। लेकिन क्या यह सम्भव है?
पत्रकार अखिलेश अखिल के फेसबुक वॉल से.





