रांची : झारखंड की राजधानी रांची से प्रकाशित मासिक पत्रिका नेशन संवाद के लोकार्पण समारोह में न्यूज चैनल आजतक के कार्यकारी संपादक पुण्य प्रसून वाजपेयी ने कहा कि राजनीति में कॉरपोरेट हावी है और मीडिया को विकल्प के साथ खड़ा होना होगा। रांची के होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित समारोह में वाजपेयी ने नेशन संवाद का लोकार्पण किया।
उन्होंने कहा कि आज देश की बुनियादी समस्याओं को समझने की जरूरत है, लेकिन पीने के पानी, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, दो जून की रोटी और एक अदद छत जैसी समस्याओं से सरकारों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अगर सरकारें कुछ देती भी हैं तो पैकेज के तौर पर, वह भी जाति और धर्म विशेष के नाम पर। आज सत्ता, शासन और राजनीति पर कॉरपोरेट हावी है। जरूरत है मीडिया को सरोकार बनाने की। जनता के आक्रोश को समझना होगा। यह रिपोर्टिंग में भी झलकनी चाहिए। मीडिया देश की परिस्थितियां समझे और विकल्प के साथ खड़ा हो।
आईबीएन-7 के मैनेजिंग एडिटर आशुतोष ने परिवर्तन संग चलने का आह्वान करते हुए कहा कि राजनीतिज्ञ सत्य, धर्म, मूल्य सब भूल गये हैं। अंहकारी हो गये हैं। आज संवाद का युग है और संवाद के तेवर, स्वरूप बदल गये हैं। संवाद के नये माध्यमों ने पुरानी परंपराओं को तोड़ डाला है। जब मीडिया के जरिए संवाद गांवों और कस्बों तक जाएगा तो बदलाव जरूर होगा। आज की परिस्थितियों में लोगों ने राम को भुला दिया है। राम सत्य, मूल्यों और धर्म के कारण ही जीते। उन्होंने कहा कि मात्र एक साल पुरानी पार्टी ने दिल्ली में 28 सीटें जीतीं और अब दूसरे नेता उसका अनुसरण कर रहे हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री ने बदलाव किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बदल रहे हैं। सुरक्षा कम कर रहे हैं। बदलाव करने वाले यही नहीं हैं और भी हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेशन संवाद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया को चाहिए कि वह समस्याओं के साथ निदान भी बताए। सारे फैसले बंद कमरों में बैठकर लेने से उसमें व्यवहारिकता नहीं आ पाती। सरकार पूरी ईमानदारी से समस्याओं का सम्मान करेगी। प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शासन, सत्ता और समाज में अच्छे चरित्र की आवश्यकता है। रिफॉर्म कर लीजिएगा, बजट बना लीजिए, स्थितियां बदलने वाली नहीं हैं। पत्र-पत्रिकाओं को भी चरित्र निर्माण और समाज को गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
समारोह के प्रारंभ में अतिथियों और उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए नेशन संवाद के प्रधान संपादक बलवीर दत्त ने भरोसा दिलाया कि सामाजिक दायित्वों को यह पत्रिका बखूबी निभायेगी। उन्होंने कहा कि असफलताओं के डर से कोई परीक्षा देना नहीं छोड़ देता। जरूरत है आशावादी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की। उन्होंने दिल्ली के परिणामों से सीखने और समझने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि फिलहाल पत्रिका मासिक है लेकिन जल्द ही इसे पाक्षिक और फिर साप्ताहिक किया जाएगा।
लोकार्पण समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, राजनीतिज्ञ, साहित्यकार और बुद्धिजीवी मौजूद थे।
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