मीडिया का मतलब दलाली व दलालों का अड्डा हो गया है. मीडियाकर्मियों का काम जनता के सुख-दुख से सरोकार रखने की जगह सत्ता, प्रशासन, पुलिस के साथ सांठगांठ कर खुद को मालदार व वीआईपी बनाना होता जा रहा है. यही कारण है कि अब अपराधियों का बचाने का ठेका भी मीडिया वाले लेने लगे हैं. पंजाब के मोंगा जिले में ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है. इस बारे में एक स्थानीय अखबार में खबर भी छपी है, जो नीचे है.

अगर आप भी मीडिया को लेकर कुछ बताना, कहना, सुनाना चाहते हैं तो फौरन भड़ास से संपर्क करें, [email protected] पर मेल कर दें. देश में भड़ास ही एक ऐसा मंच है जहां मीडिया के स्याह-सफेद को बिना किसी दुराव के प्रकाशित किया जाता है.






