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भड़ास को आपकी मदद / फेवर / सहयोग की जरूरत…

भड़ास को संचालित करने के लिए इसके पाठकों से समय-समय पर आर्थिक मदद की अपील की जाती रही है. एक बार फिर नौबत आ गई है कि हम आपसे भड़ास की आर्थिक सेहत को लेकर बात करें. सरोकार व सच्चाई की अलख जगाए रखने को तत्पर भड़ास ने अपने सीमित संसाधनों में वो कर दिखाया है जो बड़े बड़े मीडिया हाउस नहीं कर पाते.

भड़ास को संचालित करने के लिए इसके पाठकों से समय-समय पर आर्थिक मदद की अपील की जाती रही है. एक बार फिर नौबत आ गई है कि हम आपसे भड़ास की आर्थिक सेहत को लेकर बात करें. सरोकार व सच्चाई की अलख जगाए रखने को तत्पर भड़ास ने अपने सीमित संसाधनों में वो कर दिखाया है जो बड़े बड़े मीडिया हाउस नहीं कर पाते.

पर ऐसा हम तभी कर पाते हैं जब आर्थिक रूप से हम किसी पर निर्भर न हों, किसी पूंजीपति के पैसे से संचालित न हों, किसी राजनीतिक पार्टी के पैसे से न चलाए जा रहे हों, किसी करप्ट अफसर या नेता की रकम से न काम कर रहे हों.

सच्चाई को पूरी साफगोई व साहस के साथ सामने रखना आज के दौर में आसान काम नहीं है. भड़ास ने यह लगातार किया है और ऐसा करते हुए इसकी कीमत भी चुकाई है. हर तरह की प्रताड़नाओं को झेलते हुए भड़ास की टीम लगातार अपने रास्ते पर अग्रसर है. कुल मिलाकर भड़ास अब भी एक चमत्कार की तरह आप सभी आम-खास साथियों, समर्थकों, शुभचिंतकों, प्रशंसकों के सहयोग-समर्थन से ही संचालित हो रहा है.

जिस-जिस ने पैसे के प्रलोभन के बल पर भड़ास को इसके तेवर के साथ समझौता करने का प्रलोभन दिया, भड़ास ने उनके प्रस्तावों को तुरंत झटक दिया, नकार दिया. जाहिर है, ऐसी स्थितियों में, किसी एक आम पत्रकार के बूते सर्वाधिक लोकप्रिय मीडिया पोर्टल संचालित कर पाना आसान काम नहीं है. इसके लिए हमको-आपको सभी को एकजुट रहना पड़ेगा. मिलजुल कर, आपसी सहयोग से भड़ास का संचालन करना पड़ेगा. यही वजह है कि हम लोग समय-समय पर आप सभी के सामने भड़ास की आर्थिक स्थिति को लेकर अपील करते रहते हैं.

इन दिनों पुन: भड़ास की आर्थिक स्थिति खराब है. नए वर्ष की शुरुआत से ही हम लोग उधार व चंदा इकट्ठा करके भड़ास को जिंदा रखने में तत्पर हैं. ऐसे में आपको भी अपने हिस्सा का फेवर / सहयोग / सपोर्ट / मदद भड़ास को देने के लिए आगे आने की जरूरत है.

निजी तौर पर या संस्थान / संगठन / कंपनी के रूप में आप न्यूनतम 12000 रुपये (प्रति माह एक हजार रुपये के हिसाब से एक साल के लिए बारह हजार रुपये) से लेकर अधिकतम एक लाख बीस हजार रुपये रुपये (प्रति महीने दस हजार रुपये के हिसाब से एक साल के लिए एक लाख बीस हजार रुपये) की मदद दे सकते हैं. या फिर उपरोक्त के अलावा आप जो भी स्वेच्छा स्वविवेक से निजी स्तर पर मदद कर सकते हों, जरूर करिए.

मदद करने वाले साथियों / संगठनों / संस्थानों का नाम उनकी इच्छा से भड़ास पर प्रकाशित किया जाएगा. आपको अगर लगता है कि भड़ास जैसे डेमोक्रेटिक और रेडिकल न्यू मीडिया मंच को मदद कर आम पत्रकार साथियों, आम जनता की आवाज को बुलंद करते रहना है तो भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत को सीधे [email protected] पर मेल करें. आप सीधे भड़ास के एकाउंट में पैसे जमा कराने के बाद भी सूचित कर सकते हैं. एकाउंट डिटेल इस प्रकार है….

Bhadas4Media

current account

A/c No. 31790200000050

Bank of Baroda

Branch : Vasundhara Enclave, Delhi-96

RTGS / NEFT / IFSC Code- barbovasund


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