लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आज यूपी के प्रमुख सचिव गृह तथा डीजीपी को पत्र लिख कर एडीजी अरुण कुमार के रूल्स एवं मैनुअल्स विभाग में की गयी तैनाती को निरस्त करते हुए उन्हें कानूनी रूप से अनुमन्य स्थान पर नियुक्त करने को कहा है. पत्र में डॉ ठाकुर ने कहा है कि उनके पति अमिताभ ठाकुर पूर्व में इस दफ्तर में तैनात थे और इसलिए वह जानती हैं कि इस विभाग में ना तो बुनियादी सुविधाएँ हैं और ना ही कोई काम आवंटित है. उनके पति को एक स्वतंत्र रूम नहीं होने के कारण लॉन में बैठना पड़ा था.
उन्होंने कहा है कि यह तैनाती आईपीएस अफसरों के लिए बनाए गए आईपीएस कैडर रूल्स 1954, आईपीएस (फिक्सेशन ऑफ कैडर स्ट्रेंथ) नियमावली 1955 तथा आईपीएस पे रूल्स 2007 के खिलाफ है जिनके अनुसार आईपीएस अफसर केवल कुछ निश्चित पदों पर ही तैनात किये जा सकते हैं. ऐसी नियुक्तियां मात्र अफसरों का मनोबल तोड़ने और दूसरे अफसरों को कडा सन्देश देने के लिए की जाती हैं.
उन्होंने इसे व्यापक जनहित का मुद्दा बताते हुए डीजीपी से अनुरोध किया है कि वे नियम के विपरीत स्थानों पर तैनात सभी आईपीएस अफसरों को कानूनी रूप से वैध स्थानों पर नियुक्त करना सुनिश्चित करें.
पत्र की प्रति–
सेवा में,
पुलिस महानिदेशक,
उत्तर प्रदेश,
लखनऊ
विषय- श्री अरुण कुमार के रूल्स-मैनुअल्स में तैनाती विषयक
महोदय,
आज समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ है कि श्री अरुण कुमार, आईपीएस की तैनाती एक लम्बे समय के अंतराल के बाद एडीजी, रूल्स एवं मैनुअल्स पर की गयी है. मेरे पति श्री अमिताभ ठाकुर, आईपीएस भी एक लम्बे समय तक एसपी रूल्स एवं मैनुअल्स के पद पर तैनात थे, अतः मैं इस कार्यालय के बारे में विस्तार से जानती हूँ.
मेरे पति की तैनाती के समय वहां पहले से तीन आईपीएस अफसर तैनात थे और उनके बाद चार-चार अफसर एक ही रूम में पोस्ट कर दिए गए थे. वहां एक स्वतंत्र रूम तक नहीं था और हर छोटी-छोटी बात की परेशानी थी. अंत में मेरे पति को बाहर लॉन में बैठ कर दफ्तर का काम करना पड़ा था जिसके बाद ही उन्हें एक ऑफिस रूम मिल सका था. चूँकि मेरे पति वहां तैनात रहे अतः मैं यह भी जानती हूँ कि इस ऑफिस में सरकार की ओर से कोई भी काम तक नहीं दिया गया है. बल्कि अभी तक यह ऑफिस निर्माण की प्रक्रिया में है और इसे शासन की स्वीकृति भी नहीं मिली है. मेरी जानकारी के अनुसार मेरे पति सहित तमाम अफसरों को मात्र दफ्तर आने-जाने की तनख्वाह दी जाति है क्योंकि वहां कोई काम ही नहीं है.
चूँकि मैं पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के क्षेत्र में काम करती हूँ, अतः मैं यह भी जानती हूँ कि रूल्स एवं मैनुअल्स में ना तो कोई पद नियम से स्वीकृत है और ना ही आईपीएस अफसरों के लिए आईपीएस कैडर रूल्स 1954 के नियम 2(बी), आईपीएस (फिक्सेशन ऑफ कैडर स्ट्रेंथ) नियमावली 1955 के नियम चार अथवा आईपीएस पे रूल्स 2007 की अनुसूची दो में निर्धारित किये गए हैं. मैं यह भी जानती हूँ कि आईपीएस अफसर इन नियमों के अनुसार निर्धारित निश्चित पदों पर ही तैनात किये जा सकते हैं.
इसके बाद भी अभी तक इस विभाग में दो आईपीएस अफसर श्री सुव्रत त्रिपाठी डीजी तथ श्री चन्द्र प्रकाश, आईजी पहले से इस विभाग में कार्यरत रहे हैं जो बिना किसी काम के हैं. अब एक और एडीजी स्तर के अधिकारी को बिना काम के, बिना स्थान के और नियम के विरुद्ध स्थान पर तैनात करना पूरी तरह गलत है. यह आईपीएस अफसरों के प्रति अनुचित तो हैं ही, यह पूरे प्रदेश सरकार के लिए गलत है क्योंकि यह दर्शाता है कि किस प्रकार आईपीएस एवं आईएएस अफसरों को राज्य सरकार द्वारा मनमर्जी काम नहीं करने पर प्रताड़ित किया जाता है. अपने पति के प्रकरण से मैं बखूबी जानती हूँ कि इस पद पर किसी अफसर की तैनाती क्यों और किन स्थितियों में होती है- ताकि उसे प्रताड़ित और उपेक्षित महसूस कराया जाए.
चूँकि श्री अरुण कुमार की तैनाती से एक बहुत गलत सन्देश पूरे प्रदेश में गया है, अतः मैं निवेदन करुँगी कि कृपया इस मामले में तत्काल अपने स्तर से पुनर्विचार करते हुए उनकी और रूल्स एवं मैनुअल्स विभाग में तैनात सभी अधिकारियों की वाजिब और कानूनी रूप से अनुमन्य पदों पर तैनाती करने की कृपा करें.
मैं इसे एक दृष्टांत के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहना चाहूंगी कि यह मामला मात्र एक आईपीएस अफसर या एक सेवा संवर्ग का मामला नहीं है बल्कि इसके साथ पूरे व्यापक जनहित का प्रकरण जुड़ा हुआ है क्योंकि यह शासन और प्रशासन में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के सन्दर्भों से ताल्लुख रखता है.
अतः आपसे निवेदन है कि श्री अरुण कुमार के मामले को एक दृष्टान्त के रूप में लेते हुए प्रदेश के समस्त आईपीएस अधिकारियों की तैनाती का कानूनी रूप से मूल्यांकन करने और उन सभी अफसरों को, जो वर्तमान में कानूनी रूप से गलत स्थानों पर तैनात हैं, को आईपीएस अफसरों के लिए बनाए गए आईपीएस कैडर रूल्स 1954 के नियम 2(बी), आईपीएस (फिक्सेशन ऑफ कैडर स्ट्रेंथ) नियमावली 1955 के नियम चार तथा आईपीएस पे रूल्स 2007 की अनुसूची दो के नियमों के अनुसार सही जगहों पर तैनात करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था के इस महत्वपूर्ण आयाम से जुडी विसंगति को दूर करने की कृपा करें
दिनांक-08/01/2014
पत्र संख्या- NT/Arun/DG
भवदीय,
डॉ नूतन ठाकुर
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
प्रतिलिपि- प्रमुख सचिव, गृह, उत्तर प्रदेश को कृपया आवश्यक कार्यवाही हेतु





