Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

विविध

पापा ने अपनी देह जब छोड़ी तब भी उनके हाथ में उस दिन का अखबार ही था जो वे पढ़ रहे थे…

Utkarsh Sinha : पापा स्मृति शेष…. वो आप ही थे पापा जिसने हमें जिंदगी सिखाई, स्मृतियों की सड़क आज पांच साल वाली उम्र में ले जा रही है जब बनारस के पिपलानी कटरा के मकान नंबर 24/44 के दरवाजे पर सुबह-सुबह आप हमारे हाथों से अखबार खरीदवाया करते थे… तब हमें मालूम ही नहीं था कि यह होता क्या है? मगर आपने आदत डलवा कर इसकी जरूरत सिखा दी…

Utkarsh Sinha : पापा स्मृति शेष…. वो आप ही थे पापा जिसने हमें जिंदगी सिखाई, स्मृतियों की सड़क आज पांच साल वाली उम्र में ले जा रही है जब बनारस के पिपलानी कटरा के मकान नंबर 24/44 के दरवाजे पर सुबह-सुबह आप हमारे हाथों से अखबार खरीदवाया करते थे… तब हमें मालूम ही नहीं था कि यह होता क्या है? मगर आपने आदत डलवा कर इसकी जरूरत सिखा दी…

फिर उम्र थोड़ी बढ़ी तो हम भी बड़े भाई और बहनों के साथ उस कतार का हिस्सा हो गए जो हर रात आठ बजे पापा की चारपाई के पास चटाई पर लगती थी, और बगल के स्टूल पर बड़ा वाला रेडियो बीबीसी पर ट्यून होता… हम सब भाई बहनों को आधा घंटा इसे सुनना कम्पलसरी था और फिर हर इतवार इस आधार पर टेस्ट देना होता था जिसके बाद हमें मनचाही कामिक्स खरीदने का इनाम मिलता था…

घर में कई अखबार और मैगजीन की परंपरा आप ने ही डाली… छात्र जीवन में जब मेरा पहला लेख साप्ताहिक हिन्दुस्तान में छपा तब आप कितने खुश हुए थे. और जब बतौर संपादक मैंने अखबार निकाला तब भी खबरों के चयन और लेआउट को लेकर हम घंटों बहस करते रहे… और अपने इस प्रिय कार्य को आप अंत तक नहीं भूले…. पापा ने अपनी देह जब छोड़ी तब भी उनके हाथ में उस दिन का अखबार ही था जो वे पढ़ रहे थे…

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट उत्कर्ष सिन्हा के फेसबुक वॉल से.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...