देहरादून: हाई प्रोफाइल यौन उत्पीड़न प्रकरण में अदालत ने आरोपी पीड़िता, सपा नेता नीरज चौहान व पत्रकार संजय बनर्जी के वाइस रेकॉर्डिग टेस्ट की अनुमति दे दी है। तीनों आरोपियों का 10 जनवरी को अदालत में टेस्ट किया जाएगा। इस मामले में बचाव पक्ष की आपत्ति को अदालत ने खारिज कर दिया।
मामले में पुलिस ने पीड़िता, सपा नेता नीरज चौहान और चैनल के पत्रकार संजय बनर्जी की वाइस रेकॉर्डिग टेस्ट के लिए दो जनवरी को अपील की थी। बचाव पक्ष की तरफ से इस पर आपत्ति लगा दी गई। तर्क दिया गया कि जब पुलिस के पास पहले से कोई वाइस रेकॉर्डिग मौजूद नहीं है तो अब टेस्ट लेकर मिलान किससे किया जाएगा।
अदालत ने सोमवार को सुनवाई कर अपना फैसला बुधवार तक के लिए सुरक्षित रखा था। बुधवार को अदालत ने बचाव पक्ष की आपत्ति खारिज करते हुए तीनों आरोपियों के वाइस रेकॉर्डिग टेस्ट को मंजूरी दे दी। अदालत ने आदेश दिए कि टेस्ट कराने के लिए आरोपियों को 10 जनवरी को जेल से अदालत में पेश किया जाए। टेस्ट के दौरान पुलिस व फोरेंसिक एक्सपर्ट्स वहां मौजूद रहेंगे।
सचिवालय से जुड़े इस यौन-उत्पीड़न प्रकरण में निलंबित अपर सचिव जेपी जोशी, संयुक्त सचिव एसएस वल्दिया व पीड़िता समेत आठ आरोपी जेल में हैं। बाकी पांच आरोपियों में कांग्रेस नेत्री रितु कंडियाल, सपा नेता नीरज चौहान, चैनल के पत्रकार अमित गर्ग, शाइनी मैक खान व संजय बनर्जी शामिल हैं। अभी दो आरोपी पत्रकार फरार हैं। दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी के मामले में जेपी जोशी व रितु कंडियाल के विरुद्ध चार्जशीट हो चुकी है। वहीं, जोशी की ब्लैकमेलिंग संबंधी रिपोर्ट पर पुलिस की विवेचना चल रही है।





