नई दिल्ली। सरकार ने टेलीविजन चैनलों की लोकप्रियता का सूचकांक मानी जाने वाली टीआरपी रेटिंग पर नकेल कसते हुए गुरुवार को इसके लिए व्यापक दिशा निर्देशों को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में टीआरपी दिशा निर्देशों को मंजूरी दी गई। सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि इस प्रस्ताव का मकसद टीआरपी प्रक्रिया को अधिक से अधिक पारदर्शी बनाना है।
उन्होंने बताया कि सीधे विदेशी निवेश वाली कंपनियों को आज की तारीख तक टीआरपी प्रक्रिया से अलग रखा गया है और मौजूद टीआरपी एजेंसियों को नए दिशा निर्देशों के पालन के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। तिवारी ने बताया कि टीआरपी दिशा-निर्देशों में टीआरपी एजेंसी के पंजीकरण से लेकर उनकी सेवा शर्तो और क्रॉस होल्डिंग तक के मामले शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस मुद्दे पर दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की राय मांगी थी और सितंबर 2013 में प्राधिकरण ने अपनी सिफारिशें दीं। बाद में अंतर मंत्रालयी समिति में विचार-विमर्श के बाद दिशा निर्देशों को अंतिम रूप दिया गया।





