दिनांक: 10 जनवरी 2014
प्रति
श्री राजनाथसिंह जी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी
महोदय,
आप अगले लोकसभा चुनावों की तैयारी में व्यस्त हैं लेकिन इस देश के अधिकांश मतदाताओं की भाषा, जनजन की भाषा, भारतीय भाषाओं की घोर अनदेखी कर रहे हैं। इस बार के लोकसभा चुनाव में युवा मतदाता निर्णायक भूमिका निभाएंगे। यह युवा मतदाता अधिकांशत: ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है जो जीवन के हर कदम पर अंग्रेजी से पीडि़त है। जो आपसे जुड़ सकता है, शायद समर्थन भी दे सकता है लेकिन आपकी ओर से इसे जोड़ने का कोई गंभीर प्रयास ही नहीं है। इस बार आप प्रचार के लिए अधिकांशतः इलेक्ट्रॉनिक माध्यमो पर ही निर्भर होंगे लेकिन आपकी पार्टी की एक भी वेबसाइट हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध नहीं है।
आपको सर्वाधिक समर्थन हिंदीभाषी क्षेत्रों से ही मिलता है लेकिन आजादी के सड़सठ वर्षों में भी आप हिंदी को न तो राष्ट्रभाषा का दर्जा दिला पाए न हीं राजभाषा के रूप में हो रही उसकी दुर्गति को ही रोक पाए। इस बार के आपके चुनावी घोषणा पत्र में भी राष्ट्रभाषा के मुद्दे को कोई स्थान मिलेगा ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा है। भारतीय भाषाओं की ऐसी घोर उपेक्षा करके आप जीतने की आशा मत रखिए क्योंकि हम अंग्रेजी की अतिशयता से प्रतिकूल रूप से प्रभावित सभी भारतीय भाषाओं के संरक्षण की दिशा में भाषा अभियान के नाम से मतदाताओं को इस विषय में जागरुक करने का सघन अभियान चला रहे हैं जो चुनाव तक निश्चित ही असर करेगा।
अत: यह आपके हित में है कि आप शीघ्रातिशीघ्र अपनी सभी वेबसाइट्स हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओ में भी बनाएं। अपनी पार्टी के हर सदस्य को निर्देश दें कि वह अपने हस्ताक्षर एवं लोकव्यवहार हिन्दी या किसी भारतीय भाषा में ही करें। इससे आपको चुनाव में लाभ ही होगा। अंग्रजी न जानने वाले मतदाताओं को आपसे जुड़ने में आसानी होगी।
देश में २२ समृद्ध भाषाओं के होते हुए भी हम विदेशी भाषा का उपयोग करें, यह भारत की बागडोर सम्हालने का सपना देखने वाले दल को शोभा नहीं देता। किसी भी भारतीय को शोभा नहीं देता। आप अपने मतदाता की अपेक्षा को समझें, यह वक्त का तकाजा है।
भवदीय
तुषार कोठारी
201-बी, गोपाल कृष्ण भवन, प्लाट -98,
श्रीमद राजचंद्र मार्ग, तिलक रोड, घाटकोपर पूर्व, मुंबई -४०००७७.





