Jitendra Dixit : आशुतोष ने नौकरी छोड़ कर आप के जरिए राजनीति में सक्रिय होने का फैसला कर साहस दिखाया है। हम उनके साहस की कद्र करते हैं। आजादी आंदोलन और हिंदी पत्रकारिता की धारा साथ-साथ बही है। आशुतोष जी इस कारण बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने सुविधा के बजाय संघर्ष की राह चुनी है।
मोटी सैलरी ठुकरा कर अब सड़क पर संघर्ष करेंगे। वैसे तो बड़े पत्रकारों और अखबार मालिकों के लिए राजनीति में सुविधाजनक दरवाजा राज्यसभा का है। पर उन्होंने जोड़तोड़ के बजाय सीधी और संघर्ष की राह चुनी है।
अमर उजाला, मेरठ के वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र दीक्षित के फेसबुक वॉल से.





