Nikhil Srivastava : जिस तरह आज अखिलेश यादव ने दैनिक जागरण को बदनाम (सच के आधार पर) किया है, उससे मीडिया को सबक लेने की जरूरत है? या इसका भी कोई तर्क निकाल लिया जायेगा? कुछ भी हो… अखिलेश सही हों या गलत, धोया बहुत सही है। अर्नब गोस्वामी को भी कुछ बोले हैं। अब भी किसी को हैलीकॉप्टर में घूमना है? सीधे मुख्यमंत्री के मोबाइल पर मैसेज भेजना है?
Dinesh Shakya : सैफई महोत्सव मे बेहिसाब खर्च की खबर को लेकर मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद माफी कौन और कैसे मांगेगा, यह सवाल बड़ा ही दिलचस्प बन पड़ा है क्योंकि अखबार वाले आये दिन इस तरह की खबरें छापते हैं और जब मामला पेचीदा हो जाता है तो छोटे से शब्द में खेद प्रकट प्रकाशित कर देते हैं जो ना तो किसी को दिखलाई देते हैं और ना ही उसे पढा जा पाता है… वैसे माफी मांगने के तरीके यह भी होते हैं कि कमरे में जा कर अकेले में…
निखिल और दिनेश के फेसबुक वॉल से.






