Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

लखनऊ की पत्रकारिता : दलाली में अब सुधारवादी द्वंद्व

: दलाली के पक्षधरों के शुचिता-सुधारवादी खेमा में छिड़ गयी बहस दलाली पर : बड़ा सवाल तैर रहा है कि बड़े दलालों के होते हुए छुटभैयों का धंधा कैसे : लखनऊ : लो भइया, ठन गयी है दो पत्रकारों में। मामला है हैसियत और उसे जताने की। छोटे पत्रकार ने अपने बड़े पत्रकार की लांग उठा दिया है। छटपटाये बड़कऊ ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का मसला बना डाला है। खैर, गर्मागर्मी का माहौल है और जाहिर है कि प्रकरण भड़केगा जरूर। यह झंझट अब लखनवी पत्रकारिता की जगत में अब आग की तरह फैलता जा रहा है।

: दलाली के पक्षधरों के शुचिता-सुधारवादी खेमा में छिड़ गयी बहस दलाली पर : बड़ा सवाल तैर रहा है कि बड़े दलालों के होते हुए छुटभैयों का धंधा कैसे : लखनऊ : लो भइया, ठन गयी है दो पत्रकारों में। मामला है हैसियत और उसे जताने की। छोटे पत्रकार ने अपने बड़े पत्रकार की लांग उठा दिया है। छटपटाये बड़कऊ ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का मसला बना डाला है। खैर, गर्मागर्मी का माहौल है और जाहिर है कि प्रकरण भड़केगा जरूर। यह झंझट अब लखनवी पत्रकारिता की जगत में अब आग की तरह फैलता जा रहा है।

आपको बता दें कि लखनऊ केवल यूपी की ही राजधानी नहीं है, बल्कि दलाली की राजधानी का भी ओहदा लखनऊ ने बहुत मशक्कत से हासिल किया है। लेकिन ताजा मामले ने इतनी खुसपुसाहट तो शुरू कर ही दी है कि दलाली पर अब छोटे और बड़े पत्रकार के बीच रिश्ते कैसे होने चाहिए। और यह भी सवाल अब फिजां में तैर रहा है कि आखिर दलाली करने का अधिकार क्या बड़े पत्रकार को ही है? पत्रकारिता में दलाली के पक्षधरों में शुचिता और सुधारवादी खेमे में एक नया सवाल भी सिर उठा रहा है कि बड़े पत्रकार की मौजूदगी के बावजूद आखिर छोटा पत्रकार भी दलाली क्यों नहीं कर सकता है।

तो सीधे आपको मामले की सैर करा देते हैं। हाल ही गोमती नगर की एक निजी कालोनी में एक समाचार संस्थान के एक छोटे संवाददाता ने एक खासा बड़ा मकान खरीद लिया। हालांकि यह खरीद चुपचाप हुई थी, लेकिन सगोत्रीय-कूकुर भाइयों को पता चल ही गया। लोगों में कानाफूसी शुरू हुई मौका मिलते ही इस समाचार प्रमुख के पास एक चिंटू-पिंटू ने यह खबर उनकी मेज पर उगल डाली। खबर थी ही नाराजगी वाली, सो, प्रमुखजी बहुत नाराज हो गये। वजह यह कि प्रमुखजी का बंगला तो महज इतना वर्गफीट का है और छुटके का मकान इतना बड़ा। बाप रे बाप।

ऐसे में प्रमुखजी कैसे यह हजम कर पाते कि उनके जूनियर ने उनसे भी एक हजार वर्गफीट बड़ा बंगला हथिया लिया। अब खबर है कि प्रमुख जी इस संवाददाता से बेहद नाराज हैं। अब चूंकि प्रमुख जी खुद इसी तर्ज पर अपना बंगला हासिल कर चुके थे। इसीलिए उस पर सीधे-सीधे दलाली का आरोप तो नहीं लगा सकते हैं, लेकिन खबरों को लेकर उसकी खाल रोज कई-बार खींचना शुरू कर दिया है उन्होंने। इस खींचतान के चलते संवाददाता ने भी पीठ-पीछे और इशारे में ही जता ही दिया है कि वह इस धंधे में छोटा जरूर है, लेकिन महारथी बनने में उसे ज्यांदा वक्ति नहीं लगेगा। अब तुर्रा यह है कि प्रमुखजी के चिंटू-पिंटुओं ने यह इशाराबाजी तक प्रमुखजी तक पहुंचा दिया है। यानी लगता है कि अब विस्फोट होने को ही है।

लेखक कुमार सौवरी लखनऊ के जाने-माने पत्रकार हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...