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आधे मीडिया मालिक मोदी के पक्षधर और आधे राहुल गांधी के साथ : केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने मीडिया के भीतर की असली राजनीति को सामने ला दिया है. उन्होंने आज रेल भवन के सामने धरनास्थल पर मीडिया वालों से बातचीत के दौरान मीडिया की कड़वी सच्चाई बयान कर दी. उन्होंने कहा कि पत्रकार तो सारे ठीक होते हैं, गड़बड़ हैं उनके मालिक. अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा कि मीडिया मालिकों में से आधे नरेंद्र मोदी से मिले हुए हैं और बाकी आधे राहुल गांधी से.

अरविंद केजरीवाल ने मीडिया के भीतर की असली राजनीति को सामने ला दिया है. उन्होंने आज रेल भवन के सामने धरनास्थल पर मीडिया वालों से बातचीत के दौरान मीडिया की कड़वी सच्चाई बयान कर दी. उन्होंने कहा कि पत्रकार तो सारे ठीक होते हैं, गड़बड़ हैं उनके मालिक. अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा कि मीडिया मालिकों में से आधे नरेंद्र मोदी से मिले हुए हैं और बाकी आधे राहुल गांधी से.

यही कारण है कि मीडिया मालिकों ने केजरीवाल को नष्ट करने के निर्देश दे रखे हैं. इसी कारण मीडिया वाले उनके खिलाफ खबरें दिखा कर केजरीवाल को ही अपराधी बनाने बताने पर तुले हैं. जबकि सच्चाई तो ये है कि लोकतंत्र और आम जन के व्यापक हित के लिए वो लड़ रहे हैं. अमीरों और वीवीआईपी के इशारे पर चलने वाली दिल्ली पुलिस को जनपक्षधर बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मीडिया के कांग्रेस और भाजपा समर्थक मालिकों को लग रहा है कि ये अरविंद केजरीवाल रायता फैला रहा है, राजनीति खराब कर रहा है, उनके गुणा-गणित को नुकसान पहुंचा रहा है. इसीलिए वो लोग केजरीवाल को खलनायक बनाने पर तुले हुए हैं.

रेल भवन के पास कल से धरने पर बैठे आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज पूरे मीडिया पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मिले होने का आरोप लगाया. केजरीवाल ने यहां एक निजी चैनल द्वारा उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाते हुये कहा कि कुछ मीडिया वाले कांग्रेस और भाजपा की राजनीति करते हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार अच्छे हैं, लेकिन उनके मालिक भ्रष्ट हैं.

कल कुछ टीवी चैनलों पर किये गये सर्वे का जिक्र करते हुये केजरीवाल ने बिना किसी चैनल का नाम लिये कहा कि तीन चैनलों पर दिखाया गया कि जनता उनके धरने का समर्थन कर रही है, लेकिन मीडिया वाले उल्टा दिखा रहे हैं. वे कह रहे हैं अरविंद केजरीवाल ने अराजकता फैला दी. अरविंद केजरीवाल ने ये फैला दिया, अरविंद केजरीवाल ने वो फैला दिया. इन आरोपों पर कि उनके धरने पर बैठने से दिल्ली सरकार का कामकाज ठप पड़ा है, केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार का यही तो काम है, लोगों को सुरक्षा मुहैया कराना, इसी काम के लिए वे धरने पर बैठे हैं.

ज्ञात हो कि इन दिनों लगभग ज्यादातर न्यूज चैनल केजरीवाल के खिलाफ खबरें दिखा रहे हैं. केजरीवाल के धरने से आम लोगों की दिक्कतों को प्रमुखता से दिखाकर केजरीवाल को जनता विरोधी घोषित करने पर तुले हुए हैं. न्यूज24 नामक चैनल कांग्रेसी मंत्री राजीव शुक्ला का है. इस चैनल के संपादक अजीत अंजीम चौबीसों घंटे केजरीवाल के खिलाफ अपने चैनल पर भड़ास निकाल रहे हैं.

इंडिया न्यूज नामक चैनल कांग्रेसी विनोद शर्मा का है. इस चैनल का संपादक दीपक चौरसिया काफी दिनों से केजरीवाल के पीछे हाथ धोकर पड़ा हुआ है और कुछ भी अनाप शनाप दिखाता रहता है. इसी तरह एनडीटीवी से लेकर इंडिया टीवी तक आजकल आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार के खिलाफ निगेटिव खबरें दिखा रहे हैं. एनडीटीवी से लेकर टाइम्स नाऊ तक केजरीवाल और 'आप' पर एक बराबर नफरत से हमले कर रहे हैं. सूत्रों का यह भी कहना है कि केजरीवाल ने दिल्ली में सरकार बनने के बाद इन न्यूज चैनलों और अखबारों को सरकारी विज्ञापन नहीं दिया, इस कारण भी ये खूब भोंक रहे हैं.

किसी ने सच कहा है कि भारतीय मीडिया उस खूंखार और गोलबंद जंगली कुत्तों की तरह है जो काटने डराने के लिए लगातार भोंकते रहते हैं और जब उन्हें कोई मांस फेंक देता है तो उसे खाने नोचने के वास्ते चुप होकर, शांति बनाकर पिल पिड़ते हैं. यानि अगर इन्हें चुप कराना है तो सभी के लिए मांस का बड़ा टुकड़ा फेंकना पड़ेगा. ऐसा नहीं करेंगे तो फिर ये अपने कर्तव्य के मुताबिक 24×7 भोंकते गुर्राते दहाड़ते रहेंगे, वह भी उधर मुखातिब होकर जिधर के लिए इनके आका स्वामी ट्रेनर इशारा करते हैं.

ये कुत्ते इस बात से अनजान रहते हैं कि उन्हें असल में जिनको काटने के लिए बनाया गया है, वही अब उनके आका, स्वामी, ट्रेनर बन गए हैं और इनका उपयोग दुरुपयोग अपने निहित हितों के लिए करते हैं. पर इस बात से जंगली खूंखार और गोलबंद कुत्तों का क्या वास्ता, उन्हें तो अपने स्वभाव के मुताबिक हर हाल में भोंकना ही भोंकना है और मांस मिलने पर खाना ही खाना है, सो उंगली का इशारा होते ही, मालिक के मुंह से 'गो' कहे जाते ही इंगित किए गए लक्ष्य की तरफ दौड़ पड़ते हैं और जोर जोर से लगातार भोंकते दहाड़ते गुर्राते रहते हैं, तब तक जब तक कि कोई नया इशारा न हो जाए और कोई मांस का बड़ा टुकड़ा न मिल जाए….

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