ग्वालियर महानगर में पिछले कई दिनों से 'पत्रिका' अखबार एक चिटफंड कंपनी के मालिक बी.एल. कुशवाह के खिलाफ छाप रहा है। 'पत्रिका' वाले चिटफंड कंपनी के मालिक कुशवाह के पीछे इतना क्यों पड़ा है, यह ग्वालियर की पूरी मीडिया जानती है लेकिन कोई इसके खिलाफ आवाज उठाने को तैयार नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि 'पत्रिका' की जो डिमांड है, उसे बी.एल. कुशवाह पूरा करने से इनकार कर रहे हैं।
चर्चा है कि 50 लाख रुपयों की रंगदारी न देने के कारण कुशवाह के खिलाफ कंपेन चलाया जा रहा है। चूंकि चिटफंडी बी.एल. कुशवाह ने स्पष्ट शब्दों में 'पत्रिका' वालों की मांग मानने से मना कर दिया है, इस कारण सम्पादक और क्राइम रिपोर्टर महोदय इसके पीछे पड़े हैं.
हालांकि चिटफंड कंपनियों में गरिमा रियल स्टेट के अलावा और भी बहुत सी कंपनियां हैं जो ग्वालियर से फरार हैं, लेकिन उनके बारे में ये पेपर छापने को तैयार नहीं है। इसका कारण है कि पत्रिका वालों ने मिलकर केएमजे और परिवार डेयरी आदि कम्पनियों से डीलिंग कर ली है। इसी कारण उनको ये चस्का लगा जिसके चलते वह अब चिटफंडी बी.एल. कुशवाह के पीछे पड़े। लेकिन बी.एल. कुशवाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मैं कोई पैसा नहीं दूंगा, जिसके चलते यह सब अखबार में छापा जा रहा है।
ग्वालियर का हर मीडियाकर्मी इस बात को जानता है कि इस तरह से किसी अन्य चिटफंडी की खबर पत्रिका अखबार क्यों नहीं लगा रहा। यह पत्रिका अखबार अब अखबार न होकर ब्लैकमेलिंग का अखबार बन गया है जिसके चलते ग्वालियर पत्रिका की साख को बट्टा लग रहा है। अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में पत्रिका को लोग हाथ में पकडऩे से भी परहेज करेंगे।
एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





