Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

पत्रकार अज़ीज़ बर्नी ने फेसबुक पर मुस्लिमों को क्या चुनावी पाठ पढ़ाया, आप भी पढ़ें

Aziz Burney : अज़ीज़उल-हिंद एनजीओ प्लान फ़ॉर इलेक्शन 2014 (28-01-2014)… कुल 543 पार्लियामेंट्री सीटों में से 127 रिज़र्व (Reserve) सीट्स हैं जिनमें आधी से ज़्यादा सीटों पर मुस्लिम वोट फ़ैसलाकुन है, जैसे नगीना (उत्तर प्रदेश) 7 लाख, बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) 5 लाख से ज़्यादा। हिंदुस्तान भर की तफ़्सील मेरे पास है। इसी तरह से 100 से ज़्यादा सीट्स हैं जहां मुसलमान फ़ैसलाकुन हैं, ये तफ़्सील भी है, रिज़र्व सीट्स पर वोट किसी दलित को ही देना है। हर पार्टी का अपना उम्मीदवार होगा। कुछ रियासतों में हमारी सपोर्ट उस पार्टी को हो सकती है जिसे हमारी मर्कज़ी कमेटी तय करे। उनसे कुछ सीटें अपने उम्मीदवारों के लिए छोड़ने की बात की जा सकती है।

Aziz Burney : अज़ीज़उल-हिंद एनजीओ प्लान फ़ॉर इलेक्शन 2014 (28-01-2014)… कुल 543 पार्लियामेंट्री सीटों में से 127 रिज़र्व (Reserve) सीट्स हैं जिनमें आधी से ज़्यादा सीटों पर मुस्लिम वोट फ़ैसलाकुन है, जैसे नगीना (उत्तर प्रदेश) 7 लाख, बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) 5 लाख से ज़्यादा। हिंदुस्तान भर की तफ़्सील मेरे पास है। इसी तरह से 100 से ज़्यादा सीट्स हैं जहां मुसलमान फ़ैसलाकुन हैं, ये तफ़्सील भी है, रिज़र्व सीट्स पर वोट किसी दलित को ही देना है। हर पार्टी का अपना उम्मीदवार होगा। कुछ रियासतों में हमारी सपोर्ट उस पार्टी को हो सकती है जिसे हमारी मर्कज़ी कमेटी तय करे। उनसे कुछ सीटें अपने उम्मीदवारों के लिए छोड़ने की बात की जा सकती है।

सबसे पहले हम रिज़र्व सीटों पर ध्यान देना चाहते हैं, जहां मुसलमान फ़ैसलाकुन हैं और सिर्फ़ अपने वोट पर भी उम्मीदवार को कामयाब बना सकते हैं। वहां हम अपना उम्मीदवार खड़ा करेंगे, ये वो उम्मीदवार होगा जिसे एनजीओ की लोकल यूनिट की सिफ़ारिश पर मुंतख़ब किया जायेगा। उम्मीदवार का इंतिख़ाब इनमें से किया जा सकता है जो डिज़र्व (Deserve) करते हैं मगर अपनी पार्टी से टिकट नहीं पा सके, ज़ाहिर है ये इलेक्शन लड़ने की तैय्यारी कर चुके लोग हैं। इनमें से सब से बेहतर का इंतेख़ाब कर अगर हम उसे अपना उम्मीदवार बना दें तो वो सिर्फ़ मुसलमानों के वोट पर ही जीत सकता है, ज़ाहिर है वो दलित हो कर भी मुसलमानों का उम्मीदवार होगा, वो किसी पार्टी के लिए पाबंद नहीं होगा। ये हमारी हिक्मते- अमली का पहला क़दम होगा। मेरे अपने एनजीओ के मेम्बरान से दरख़्वास्त है कि आज ही से ऐसे लोगों के राब्ते में रहना शुरू करें और अपनी रिपोर्ट हम तक भेजें। उनका मुकम्मल प्रोफ़ाइल भेजें। जल्द ही इन्शाअल्लाह अगले क़दम पर भी बात होगी।

आपका

अज़ीज़

अज़ीज़ बर्नी के फेसबुक वॉल से.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...