मुख्यमंत्री मायावती और हाथियों की प्रतिमाओं को ढकने के चुनाव आयोग के फरमान से यहां का जिला प्रशासन दो कदम और आगे निकल गया। शाहजहांपुर प्रशासन ने बिना चुनाव आयोग के निर्देश के आनन-फानन में पुवाया में राजीव चौक पर लगी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा को ढक दिया। बसपा सकार में किस तरह से अधिकारी मनमानी पर ऊतारू हैं, यह इसका सटीक उदाहरण है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में राजीव गांधी की प्रतिमा ढके जाने से आक्रोश फैल गया।
पुवाया में राजीव चौक पर नौ जून 1993 को स्व. जितेन्द्र प्रसाद ने इस प्रतिमा का अनावरण किया था। इस प्रतिमा को प्रशासन द्वारा ढंके जाने से नाराज होकर जिले के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजीव चौक पर प्रतिमा के सामने खड़े होकर प्रदर्शन किय। बताया जाता है कि कल शाम नगरपालिका ईओ पुवाया के आदेश पर राजीव गांधी की प्रतिमा को ढक दिया गया था। ईओ नगर पालिका ने बताया कि तहसीलदार पुवाया के कहने पर प्रतिमा को ढका गया है। जब इस संबंध में एसडीएम पुवाया से फोन पर समपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि अखबार में खबर को पढकर प्रतिमा को ढक दिया गया है।


डीएम शाहजहांपुर नवदीप रिणवा ने राजीव गांधी की प्रतिमा को ढके जाने से साफ इनकार किया है। जिले का जिम्मेदार अधिकारी जब झूठ बोलेगा तो दूसरे अधिकारियों से आप क्या उम्मीद करेंगे। इस मामले की अफसरों को जानकारी होते ही ढकी हुई प्रतिमा को फिर खुलवा दिया गया। लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि प्रशासन चुनाव आयोग से दो कदम आगे चलने की कोशिश क्यों कर रहा है। कुछ लोगों को राजीव गांधी की प्रतिमा ढकने के पीछे राजनैतिक साजिश की बू आ रही है।
शाहजहांपुर से सौरभ दीक्षित की रिपोर्ट





