शामली के झिंझाना से खबर है कि बुधवार को यमुना का सीना चीर रहे रेत माफियाओं ने यमुना नदी का पानी लाल कर दिया. खनन माफियाओं ने दो पुलिस वालों की मौजूदगी में ग्रामीणों, मीडियाकर्मियों व भाकियू नेताओं पर जमकर फायरिंग कर दी. घटना में सैकड़ों अवैध हथियार खुलेआम चले, लेकिन पुलिस लाइन से गार्द में लगे दोनों सिपाही आंखे बंद कर पूरा खेल देखते रहे.
कई वर्षो से रेत खनन को लेकर चल रहा खूनी खेल बंद होने का नाम नहीं ले रहा. बुधवार को गांव बिड़ौली सैदान में किसानों ने एक पंचायत आयोजित की थी. इसमें भारतीय किसान यूनियन के नेता विनोद निर्वाल समेत काफी लोग मौजूद थे. पंचायत कर रहे किसानों का आरोप था कि सत्ताधारी नेता व प्रशासन के इशारे पर रेत माफिया जबरदस्ती जेसीबी मशीनों से हमारे खेतों से रेत खनन कर रहे हैं. इसकी शिकायत मंगलवार को एसपी शामली अनिल राय से भी की गई थी. पंचायत में किसानों ने भाकियू नेताओं से मौके पर जाकर खनन दिखाने की बात कही.
इस दौरान इलेक्ट्रानिक मीडिया से शामली से पत्रकार शरद मलिक, वरुण पंवार, पंकज व राहुल राणा व मेरठ से प्रकाशित दो अखबारों (दैनिक जागरण नहीं) के पत्रकार मौके पर कवरेज करने पहुंच गए. यमुना नदी में किसान व भाकियू नेताओं के पहुंचते ही माफियाओं ने अवैध तमंचों व बंदूकों से हमला बोल दिया. रेत माफियाओं ने पत्रकारों के कैमरे छीनकर बंधक बना लिया, साथ ही सभी की तलाशी लेकर नगदी लूट ली. कुछ पत्रकार जान बचाकर निकलने कामयाब रहे, जबकि कुछ को बंधक बना लिया गया.
माफियाओं की हुई फायरिंग में सोनू पुत्र वकील निवासी मोहब्बतपुर बागपत को ट्रैक्टर से कुचल कर घायल कर दिया, जबकि अब्बास पुत्र नजर अली निवासी बिड़ौली सैदान के पैर में गोली लग गई. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शामली पुलिस लाइन से गार्द में लगे दोनों सिपाही मौजूद रहे. घंटों बाद पहुंची पुलिस मौके पर पहुंची. इस दौरान एसपी अनिल राय भी मौके पर पहुंच गए. उन्होंने पत्रकारों को मुक्त कराकर उनकी कार दिलाई. पत्रकार शरद मलिक की तरफ से एक दर्जन नामजद व साठ अज्ञात के खिलाफ तहरीर दे दी गई थी, जबकि घायलों को ऊन पीएचसी पर भर्ती कराया गया था. शामली से आए पत्रकारों में से कुछ दहशत के चलते घंटों तक गन्ने के खेत में छिपे रहे. मौके पर चल रही फायरिंग से चारों तरफ दहशत का माहौल था. ग्रामीणों व पत्रकारों ने खेतों में छिपकर बमुश्किल जान बचाई.






