लाहौर : पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने इन रिपोर्टों पर चिंता जताई है कि बड़ी संख्या में पत्रकारों को धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। आयोग ने पाकिस्तान सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि खतरों का यह सिलसिला खत्म हो। आयोग ने एक बयान में कहा, ‘‘पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग अपने काम के चलते पत्रकारों को मिलने वाली धमकियों से चिंतित है।’’
आयोग ने कहा है कि पाकिस्तान में पत्रकारों के हिंसा से घिरे रहना कोई असामान्य चीज नहीं है। 2011 में एक दर्जन से ज्यादा पत्रकारों की हत्या से इन खतरों में उल्लेखनीय इजाफा सर्वविदित है जबकि अनेक पत्रकार अपने ही देश में छिपने के लिए बाध्य किए गए हैं। आयोग ने कहा, ‘‘अनेक पत्रकारों ने अपनी सुरक्षा के लिए आत्म-सेंसरशिप पर अमल किया है जबकि अन्य को ऐसे विचार प्रकट करने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। कई पत्रकार सच लिखने के कारण कुछ हलकों में अलोकप्रिय माने गए हैं।’’ आयोग ने कहा, ‘‘अनेक पत्रकारों ने हाल में सार्वजनिक रूप से धमकियों की चर्चा की है जो उन्हें अनाम फोन कॉलकर्ताओं से मिली हैं।’’ उल्लेखनीय है कि नजम सेठी जैसे अग्रणी पत्रकारों ने हाल के हफ्तों में कहा है कि राजनीति के क्षेत्र में सेना की भूमिका पर सवाल करने पर उन्हें धमकियां मिली हैं।





