यूएनआई प्रबंधन के कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं करने पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने थाना संसद मार्ग में प्राथमिकी दर्ज होने की खबर आने के साथ ही इस प्रतिष्ठित संस्थान के चेयरमैन और निदेशकों की गिरफ्तारी किसी भी वक्त हो सकती है। इसमें यूएनआई के बोर्ड अध्यक्ष पी के माहेश्वरी और तीन निदेशकों विश्वास त्रिपाठी, सुभाष शर्मा और श्रीपति अकोलेकर के नाम शामिल हैं।
प्राथमिकी में कहा गया है कि कई करोड़ रूपये की पीएफ देनदारी यूएनआई पर है लेकिन पिछले कई महीनों से यह पैसा जमा नहीं किया गया है। इस मामले में यूएनआई को कई बार नोटिस जारी किये गये लेकिन किसी का उत्तर नहीं आया। थक हार कर ईपीएफओ ने इसमें सख्त कदम उठाया और संगठन के प्रवर्तन अधिकारी रोशन लाल ने गत 14 फरवरी को थाना संसद मार्ग में एफआईआर दर्ज करने संबंधी कागजात जमा कर दिये।
अब पुलिस इस मामले में चारों आरोपियों को किसी भी वक्त गिरफ्तार कर सकती है। पीएफ जमा नहीं होने की बात लीक होते ही यूएनआई के कर्मचारियों में हड़कंम्प मच गया। पहले से ही सैलरी के संकट से जूझ रहे यूएनआई के कर्मचारियों के लिए यह खबर और भी गहरा सदम लेकर आई है।





