माननीय मुख्यमंत्री/ जिलाधिकारी गाज़ियाबाद
उतर प्रदेश शासन,
लखनऊ
विषय- क्रासिंग रिपब्लिक NH-24 के निवासियो के साथ अन्याय, ज्यादती एवं शोषण के सम्बन्ध में
महाशय,
ज्ञात हो कि उपरोक्त टाउनशिप गाज़ियाबाद जिले में स्थित है. यह टाउनशिप सरकार की टाउनशिप नीति GO No .2711 / 03 के तहत विकासकर्ता कंपनी M/s क्रासिंग इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा बनाई गयी है जो आगे कई सारे बिल्डर्स को अपार्टमेंट बनाकर बेचने के लिए अधिकृत किया है.
उपरोक्त टाउनशिप में UP Apartment Act एवं माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों को ताक पे रखते हुए निर्माण किया गया है. प्रारंभिक मानचित्रों से खिलवाड़, तमाम सुविधाओं का वादा करके नहीं देना एवं सबसे गम्भीर बात बिना समापन प्रमाण पात्र प्राप्त किये, अपने निजी स्वार्थो के लिए, अपार्टमेंट्स का सारा पैसा लेकर, गलत सूचना देकर लोगों को कब्ज़ा दे दिया गया है. इन अपार्टमेंट्स में जो लोग रह रहे है वे अपनी जान जोखिम में रखकर रह रहे हैं.
महाशय, एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक बिल्डर को अपने द्वारा बनाये गए भवन का ढांचा, भूकम्परोधी तकनीक, अग्निशमन यंत्रों एवं पर्यावरण सम्बन्धी मानकों का जाँच करवाने के पश्चात ही कब्ज़ा देना चाहिएय कुछ आवासीय परियोजनाओं में आधे काम हुए हैं, रात दिन निर्माण कार्य चल रहे हैं, परिसर में अनजान लोग आते रहते हैं, निर्माण सम्बन्धी गाड़ियां एवं यन्त्र चल रहे हैं, ऊपर से बिल्डर रखरखाव शुल्क वसूलने के लिए आम जन को प्रताड़ित करते हैं एवं आये दिन मूलभूत सुविधाओं को रोक देते हैं. टाउनशिप निर्माण के पहले हमें लिखित में दिया गया था कि नया एप्रोच रोड, हॉस्पिटल, माल्स एवं अन्य सुविधायें मुहैया करायी जाएंगी. परन्तु ये सारी सुविधायें अभी नहीं मिली. टाउनशिप अभी निर्माणाधीन है इसके पश्चात "टाउनशिप रखरखाव शुल्क" जबरन हमारे ऊपर थोपा जा रहा है. जब हमने आपनी मांगों को रखते हुए उपरोक्त शुल्क देने से मना कर दिया तो विकासकर्ता कंपनी ने हमारी बिजली काटनी शुरू कर दी है. हम बिजली अग्रिम धनराशि जमा करके रिचार्ज कूपन के रूप में खरीदते हैं जिसका रखरखाव शुल्क से कोई लेना देना नहीं है.
माननीय उच्च न्यायाल द्वारा घोषित इस मामले को निपटारे के लिए सक्षम प्राधिकार रखनेवाली संस्था गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण का रुख बेहद गैर-पेशेवराना है. शिकायतें नहीं सुनी जा रही हैं. प्राधिकरण के अधिकारी आते हैं तो जनता से न मिल के बिल्डर के स्वागत कक्ष से चले जाते हैं और कोई कार्रवाई नहीं होती है. पिछले सप्ताहांत में जनता द्वारा निर्मित संस्था (क्रोमा) के बैनर तले धरना प्रदर्शन भी हुआ था जिसमे आम लोग, वरिष्ठ नागरिक एवं महिलायें आई थीं लेकिन विकासकर्ता कंपनी ने एक नहीं सुनी.
महाशय हमारे टाउनशिप में आराजकता जैसा माहौल है, बिल्डर की मनमानी है, आम जनता त्रस्त है, धन का गैरकानूनी तरीके से दोहन हो रहा है. GDA इस मामले में संजीदा नहीं है. कृपया तुरंत उचित करवाई करे ताकि हमारे साथ न्याय हो सके.
धन्यवाद.
क्रासिंग रिपब्लिक की आम जनता
भवदीय
अनुराग जैन
जीएच- 7
क्रॉसिंग रिपब्लिक
गाज़ियाबाद
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