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लखनऊ

यूपी विधानमंडल में आरएलडी के दो विधायक हुए अर्द्धनग्न

लखनऊ : यूपी विधानमंडल सत्र शुरू होते ही सदन में जोरदार हंगामा हुआ। लोकसभा चुनाव की गर्माहट सदन में भी देखने को मिल रही है। आरएलडी के दो विधायकों ने अर्द्धनग्न  होकर प्रदर्शन किया तो बीएसपी विधायकों ने पोस्टर और बैनर के साथ सदन में राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध कर सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर डाली। हाथों में सरकार विरोधी बैनर और गुस्से से तमतमाए ये नेता सरकार से हिसाब चाहते हैं। विपक्षी दलों के नेताओं की दलील है कि सरकार उन्हें अनसुना कर रही है।

लखनऊ : यूपी विधानमंडल सत्र शुरू होते ही सदन में जोरदार हंगामा हुआ। लोकसभा चुनाव की गर्माहट सदन में भी देखने को मिल रही है। आरएलडी के दो विधायकों ने अर्द्धनग्न  होकर प्रदर्शन किया तो बीएसपी विधायकों ने पोस्टर और बैनर के साथ सदन में राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध कर सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर डाली। हाथों में सरकार विरोधी बैनर और गुस्से से तमतमाए ये नेता सरकार से हिसाब चाहते हैं। विपक्षी दलों के नेताओं की दलील है कि सरकार उन्हें अनसुना कर रही है।

सदन शुरू होते ही जहां बीएसपी के विधायकों ने बैनर के साथ सरकार को घेरा वहीं आरएलडी के दो विधायकों ने सदन में ही कपड़े उतर कर प्रदर्शन किए। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध कर रहे नेताओं का कहना है कि किसानों के बकाया भुगतान को लेकर सरकार फेल है। सैफई महोत्सव में हीरो और हिरोइनों को एडवांस भुगतान किया जाता है लेकिन किसानों को दो साल बाद भी सरकार भुगतान करवाने में नाकाम है। बीएसपी ने सरकार पर चीनी मिलों के साथ मिली भगत का भी आरोप लगाया है।

सदन में ही कपड़े उतरने को लेकर आरएलडी के विधायकों का तर्क है कि मोदी मिल बंद होने के 25 साल बाद मोदी नगर में कर्मचारियों का भुगतान नहीं हुआ। मोदी चीनी मिल भी किसानों के बकाया भुगतान को देना नहीं चाहती। ऐसे में उनके पास सदन में विरोध ही एक हथियार है। कांग्रेसी विधायक भी सरकार को घेरने में ही लगे हैं। विधानमंडल दल के नेता का कहना है कि सरकार की नाकामी ही इसके लिए जिम्मेदार है।

विधानमंडल के पहले दिन का हंगामा यह बताने के लिए काफी है कि सदन में आगे भी विपक्षी सरकार को घेरेंगे। लोकसभा चुनाव करीब है लिहाजा विपक्षी भी नहीं चाहते कि समाजवादी पार्टी सरकार की नाकामियों को छुपा सके। यही वजह है कि भले ही किसान बकाए भुगतान को लेकर हो या पेराई सत्र को लेकर हर मुद्दे पर अकेला है लेकिन सदन में किसान के मुद्दे पर हर कोई चिल्ला रहा है।

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