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सैलरी के लिए आज समाज में होने लगा आंदोलन

: एक ने लिखा चेतावनी पत्र, दूसरा छुट्टी पर गया : आज समाज अखबार में सैलरी वक्त पर नहीं मिलने के कारण अब आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। जब तक इस अखबार में रवीन ठुकराल बतौर समूह संपादक के रूप में काम करते रहे, आज समाज के लोगों को 10 तारीख को सैलरी मिल जाती थी। यह दीगर बात है कि उस दौरान भी लोग महीने की 7 तारीख को तनख्वाह की उम्मीद लगाए रहते थे, लेकिन अब रवीन ठुकराल के हिंदी ट्रिब्यून में जाने के बाद आज समाज के संपादकीय तथा गैर संपादकीय लोगों को सैलरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

: एक ने लिखा चेतावनी पत्र, दूसरा छुट्टी पर गया : आज समाज अखबार में सैलरी वक्त पर नहीं मिलने के कारण अब आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। जब तक इस अखबार में रवीन ठुकराल बतौर समूह संपादक के रूप में काम करते रहे, आज समाज के लोगों को 10 तारीख को सैलरी मिल जाती थी। यह दीगर बात है कि उस दौरान भी लोग महीने की 7 तारीख को तनख्वाह की उम्मीद लगाए रहते थे, लेकिन अब रवीन ठुकराल के हिंदी ट्रिब्यून में जाने के बाद आज समाज के संपादकीय तथा गैर संपादकीय लोगों को सैलरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

पिछले महीने लोगों को 18 तारीख के बाद सैलरी मिल पाई थी। उस वक्त मैनेजमेंट ने एमडी कार्तिक शर्मा की शादी का हवाला देकर लोगों को बहला दिया था, लेकिन इस माह भी 10 तारीख गुजरने के बाद भी लोगों के खाते में सैलरी नहीं पहुंची तो आक्रोश बढ़ने लगा। परेशान तो सभी थे, लेकिन नौकरी की मजबूरी के चलते चुप्पी साधे रहे। इसी बीच आज समाज अंबाला में एक पत्रकार यह ऐलान करते हुए छुट्टी पर चले गये कि जब तक सैलरी नहीं मिलेगी, वह काम पर नहीं लौटेंगे। अगले ही दिन एक अन्य पत्रकार ने संपादक को लिखित में अपना आक्रोश पत्र थमा दिया।

पत्रकार ने यहां तक लिखा कि उन्हें एक बड़ा अखबार छोड़कर आज समाज का हिस्सा बनने के निर्णय पर पुनर्विचार करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इन्हीं पत्रकार के नक्शेकदम पर कुछ और लोगों ने चलने का इशारा किया तो आनन-फानन में मामला एमडी आफिस तक पहुंचाया गया और 12 तारीख को लोगों के बैंक एकाउंट में सैलरी पहुंच गई। इसके बाद दोनों पत्रकार काम पर लौट आए। बहरहाल अगले माह की 10 तारीख तक आक्रोश थम गया है। आज समाज प्रबंधन के इसी लचर रवैये के कारण यहां नए लोग आना नहीं चाहते, जबकि एक के बाद एक पत्रकार नौकरी छोड़कर दूसरे संस्थानों से जुड़ते जा रहे हैं।

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