बेहतरीन गायक मेहंदी हसन की ज़िंदगी का आखिरी लम्हा चल रहा है. बताते हैं कि उनके पास इलाज का बिल देने को भी पैसे नहीं हैं. 82 साल के पाकिस्तानी गजल गायक मेहंदी हसन जिन्हें शहंशाह-ए-गजल कहा जाता है, आगा खान अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले हैं. उन्हें लंग्स इन्फेक्शन के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. लेकिन उनके परिवार ने अस्पताल के 5 लाख रुपए अभी तक नहीं दिए, जबकि अस्पताल का ये दावा है कि उनका इलाज मुफ्त में किया गया है. दूसरी ओर उनके बेटे ने ये बात स्वीकार की है कि उनके परिवार की स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वो उनके मैडिकल बिल भर सकें. वहीं पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ द्वारा सहायता के तौर पर भेजा गया चेक भी बाउंस हो गया जिस वजह से रही सही उम्मीद भी खत्म हो गई.
ताजी सूचना है कि मेंहदी हसन की हालत में सुधार हो रहा है. हसन का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक दवाओं का असर हो रहा है. इससे पहले मेंहदी हसन के बेटे आरिफ हसन ने बुधवार को बताया कि तबियत बिगड़ने के बाद मेंहदी हसन को कराची के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है. कई दशकों से गजल की दुनिया में शोहरत और सम्मान बटोर रहे मेंहदी हसन बोल भी नहीं पा रहे हैं. पिछले 12 सालों से उनके फेफड़ों में तकलीफ है. मेंहदी हसन का जन्म राजस्थान के लूणा गांव में 1927 में हुआ था. इस गांव के लोग मेंहदी हसन की स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं. संगीत उन्हें विरासत में मिला और ‘अब के बिछड़े…, और ‘पत्ता पत्ता बूटा बूटा…’ जैसे सदाबहार गजल आज भी दुनिया भर के प्रशंसकों के दिलों दिगाम पर छाए हैं. उन्होंने मिर्जा ग़ालिब के ‘रंजिश ही सही..दिल को दुखाने के लिए आ..’ को भी अलग अंदाज़ में गाया.
हर बार की तरह इस बार भी लोगों ने गुजर जाने की खबर देने में जल्दी मचा दी. ट्विटर पर कुछ लोगों ने पोस्ट कर दिया कि हसन साहब नहीं रहे. गजल गायक के निधन की 'खबर' से इंटरनेट जगत में हलचल मच गई. शुक्रवार को सुबह माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर इस तरह की बातें सामने आने लगीं कि मेंहदी हसन नहीं रहे तो कोई कह रहा था कि यह खबर गलत है. कुछ लोगों ने मेंहदी हसन को श्रद्धांजलि भी दे दी. हालांकि कई लोगों ने ट्विटर पर ही इस खबर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. कुछ लोग दावा कर रहे थे कि मेंहदी हसन का निधन नहीं हुआ है, वह अभी जिंदा हैं और उनके निधन की खबर अफवाह है. मेंहदी हसन की निधन की खबर पर श्रद्धांजलि देने के बाद अब लोगों ने माफी मांगना भी शुरू कर दिया.
अमना नाम के अकाउंट से ट्विट किया गया, ‘मेहंदी हसन को श्रद्धांजलि’. ऐसे ही ट्विट कई लोगों ने किए हैं. इसके उलट साद खान नाम के एक शख्स ने ट्विट किया, ‘मेंहदी हसन की खबर के लिए उत्सुक लोगों के लिए खबर यह है कि गजल गायक ने निधन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इस तरह की खबर गूगल पर भी नहीं है. बिना पुष्टि किए ट्विट करने के लिए माफी चाहते हैं.’ मेंहदी हसन के परिवार वालों की तरफ से इस बारे में अभी तक कोई बयान नहीं आया है.
उधर, जयपुर से सूचना है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पाकिस्तान के कराची के एक अस्पताल में गंभीर हालत में बीमार राजस्थान के झुंझुनूं जिले के ही लूणा गांव में 18 जुलाई 1927 को संगीतकारों के परिवार में जन्मे जाने माने गजन गायक मेहंदी हसन के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका भारत में किसी भी स्थान पर राजस्थान सरकार की ओर से मुफ्त उपचार करवाने की पेशकश की. गहलोत ने फोन पर हसन के पुत्र आरिफ से आज बात कर हसन के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. उन्होंने कराची के एक अस्पताल में भर्ती मेंहदी हसन का उपचार भारत में किसी भी स्थान पर करवाने और उसका पूरा खर्च राजस्थान सरकार द्वारा वहन करने की पेशकश हसन के पुत्र से की. उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार मेहंदी हसन की हर संभव मदद करने को तैयार है. आरिफ ने मुख्यमंत्री को इस पेशकश पर विचार कर जल्दी इस बारे में अवगत करवाने का भरोसा दिया है.
गहलोत ने बाद में भारत के विदेश राज्य मंत्री ई अहमद से फोन पर बातचीत की और आरिफ से हुई बात की जानकारी दी. उन्होंने विशेष राज्य मंत्री से आग्रह किया कि यदि महेंदी हसन के परिजन उनका उपचार भारत में करवाने को तैयार हो जाते हैं तो उनका वीजा समेत अन्य कार्यवाही तत्काल करवाया जाय. उन्होंने राजस्थान के मुख्य सचिव एस अहमद को विदेश मंत्रालय और हसन के परिवार के बीच लगातार सम्पर्क में रहने के निर्देश दिए हैं.
मेहंदी हसन साहब के गाए कुछ गीत ग़ज़लों को सुनने के लिए क्लिक करें- आज ही आज का मुसाफिर हूं…





