Kumar Sauvir : यूपी में खतरा है नरेंद्र मोदी की धमक का। सो, अखिलेश यादव अब सरकारी खजाने को दोनों हाथों से लुटा रहे हैं। मकसद है, आज लखनऊ की रैली का असर डाईल्यूट करना। इसीलिए अखिलेश सरकार ने यूपी के हर बड़े अखबार में चार-चार प्रमुख पन्नों का विज्ञापन जारी कर दिया, जिसमें विकास के बड़े-बड़े दावे दिये गये। लेकिन हकीकत यह है कि अखिलेश यादव के मीडिया-प्रबंधकों की अक्ल वाकई दो-कौड़ी की ही है।
उनकी मोटी बुद्धि में इतनी बात तक नहीं घुस रही कि मोदी की गरजती पद-चाप ऐसे महंगे विज्ञापन की चिन्दियां बिखेर देंगी। देख लीजिए ना, कि जन-सैलाब लखनऊ के रास्ते हर बाउण्ड्री को तोड़ने पर आमादा है। जुरासिक-पार्क का-सा हश्र अब यूपी में होने से कोई नहीं रोक सकता, जहां सिर्फ और सिर्फ विनाश ही होता है। अरे, कोई समाजवादी पार्टी वाले इन प्रबंधकों को यह क्यों नहीं समझाता है कि यूपी के धार्मिक-जातिवादी की बदहाली को विज्ञापन से नहीं रोका जा सकता है। विकास कहने-दिखाने से नहीं होता है, करने से आता है। मोदी के ढोल की आवाजों के सामने अखिलेश के बेहद बौने गल-तम्बूरे की म्यां-म्याऊं-सी मिमियाने लगी हैं।
लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर के फेसबुक वॉल से.





