जी हां. कई बार मीडिया वालों के चलते नेताओं की गद्दी चली जाती है तो कुछ एक बार गद्दी बच भी जाती है. उत्तराखंड सरकार में मंत्री हरक सिंह रावत अपनी रंगीनमिजाजी के लिए जाने जाते हैं. पिछले दिनों उन पर एक महिला ने छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था. वही महिला समाचार प्लस चैनल पर लाइव बैठी और आरोपों से मुकर गई. समाचार प्लस चैनल के इस फुटेज को कई नेशनल चैनलों ने दिखाया.
समाचार प्लस के नोएडा स्थित आफिस के बाहर नेशनल न्यूज चैनलों के पत्रकारों की भीड़ लग गई जो आरोप लगाने वाली महिला की बाइट लेना चाहते थे. समाचार प्लस चैनल के कर्ताधर्ता उमेश कुमार ने तुरंत उचित व्यवस्था कराकर महिला की बाइट सभी चैनलों को दिलवाई.

इस तरह उत्तराखंड के मंत्री हरक सिंह रावत पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला ने अपनी शिकायत वापस ले ली. रावत के खिलाफ दिल्ली के सफदरजंग थाने की पुलिस ने ग्रीन पार्क इलाके में एक युवती के साथ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था. युवती ने तीन दिन पहले पुलिस में शिकायत दी थी कि उसके साथ सितंबर 2013 में हरक सिंह रावत ने छेड़छाड़ की थी. मेरठ निवासी महिला ने सफदरजंग एन्क्लेव पुलिस थाने में लिखित शिकायत की थी, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि रावत ने गत वर्ष सितम्बर में दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क क्षेत्र स्थित एक मकान में उससे छेड़छाड़ की थी. वह एक नौकरी के लिए रावत के संपर्क में थी. उन्होंने गत सितम्बर में उसे दिल्ली बुलाया था और जब वह उनसे मिली तो उन्होंने कथित रूप से उसके साथ दुर्व्यवहार किया. उसके बाद वह किसी तरह वहां से भागने में सफल रही और अपने घर पहुंची.
पुलिस ने इस संबंध में धारा 354 और 506 के तहत एक मामला दर्ज कर लिया. रावत पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा मंत्रिमंडल में उत्तराखंड के कृषि मंत्री थे. जब हरीश रावत नये मुख्यमंत्री बने तो वह एक बार फिर कैबिनेट मंत्री बन गए. छेड़छाड़ का प्रकरण फ्लैश होने के बाद हरक सिंह रावत की कुर्सी जाने वाली थी. पर महिला ने अपनी शिकायत वापस ले ली जिससे गद्दी बच गई. शिकायत वापसी के बाद हरक सिंह रावत को बड़ी राहत मिली है. बताया जाता है कि हरक सिंह रावत और उमेश कुमार काफी करीबी मित्र हैं. संयोग ऐसा बना कि उमेश कुमार के चैनल पर प्रसारित खबर की वजह से हरक सिंह रावत को राहत मिल गई.






