उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की हड़ताल समाप्त किये जाने हेतु सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा आज इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच में एक रिट याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज कानपुर में घटी घटनाओं से सारे डॉक्टर समूह में यह धारणा बन गयी है कि एसएसपी कानपुर यशस्वी यादव के नेतृत्व और सीधे हस्तक्षेप में की गयी कार्यवाही पुलिस की शक्ति का व्यापक दुरुपयोग और सत्ता पक्ष के एमएलए के प्रति पूरी तरह एकपक्षीय कार्यवाही थी.
डॉ ठाकुर ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू सञ्चालन और मरीजों के हित में यह आवश्यक है कि डॉक्टरों की हड़ताल तत्काल समाप्त हो और इसीलिए उन्होंने 28 फ़रवरी और उसके बाद घटी घटनाओं की जांच किये जाने के सम्बन्ध में तत्काल एक न्यायिक जांच कमीशन बनाए जाने की प्रार्थना की है जो प्रत्येक दशा में एक माह में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपे. उन्होंने इस जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की मांग भी की है. उन्होंने जूनियर डॉक्टरों द्वारा दिए गए प्रार्थनापत्र पर एफआइआर दर्ज किये जाने और इन सभी मुकदमों की विवेचना प्रदेश सरकार के किसी विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा कराये जाने की भी प्रार्थना की है.





