उन्नाव : सुप्रीम कोर्ट में पेश होने काफिले के साथ दिल्ली जा रहे सहारा सुप्रीमो सुब्रत राय सहारा का कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों से लखनऊ कानपुर राजमार्ग पर उनके निजी सुरक्षा कर्मियों ने जमकर हाथापाई और धक्कामुक्की की फिर अगवा करने का प्रयास किया। उनके कैमरों व मोबाइल छीन। हालांकि बाद में फोटो डिलीट करने के बाद कमरे की बैट्री, मोबाइल की बैट्री व मेमोरी कार्ड छीन कर फोटो न छापने की धमकी देते हुए छोड़ा। कहा कि यदि छापी तो दो दिन बाद आकर बताएंगे।
मंगलवार को सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत राय सहारा को सुप्रीम कोर्ट में पेश होना है। इससे उन्हें सड़क मार्ग से दिल्ली ले जाया जा रहा है। यह खबर मीडिया को हुई। सूचना थी कि पुलिस सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए उन्हें पूरे राजसी ठाठ बाट के साथ लेकर जा रही है। इससे मीडिया के लोगों ने इसका कवरेज करने का प्रयास किया। लखनऊ बाइपास के पास मीडिया कर्मियों ने लगभग डेढ़ सैकड़ा लग्जरी गाड़ियों का काफिला कानपुर की तरफ बढ़ा तो उसकी फोटो कर ली। सूचना मिली की काफिला फैंटेसी मोटेल व हुसैन नगर तिराहा के निकट काफिला रुका है। इसपर मीडिया कर्मी वहां के लिए बढे़। जहां मीडिया कर्मियों ने पाया कि पुलिस के वाहन तो आगे चले गए हैं लेकिन सुब्रत राय की कार संख्या डीएल 4 सीएफ 9009 व उसके पीछे चल रही गाड़ियां रुकी हुई हैं, और वह गाड़ी से उतर कर बाहर टहल रहे हैं।
यह देख मीडिया कर्मियों ने एक बार फिर उनकी फोटोग्राफी करनी शुरू की। तभी उनका इशारा पाकर चारों तरफ से उनके निजी सुरक्षा कर्मियों ने वहां पहुंचे तीन मीडिया कर्मियों को घेर लिया और धक्का मुक्की करते हुए उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी। मीडिया कर्मी कुछ समझ पाते इससे पहले ही सुरक्षा कर्मियों ने सभी को एक सफेद रंग के वाहन पर जबरन बैठा लिया। जहां सुरक्षा कर्मियों ने दो फोटोग्राफरों के कैमरे छीने और उनकी बैट्री व मेमोरी कार्ड निकलवा लिए। बाद में मीडिया कर्मियों ने उनसे बात की और काफी देर तक बहस चलने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने कैमरे में कैद फोटो देखी और उन्हें डिलीट करा दिया। जब एक मीडिया कर्मी ने घटना की सूचना देने के लिए फोन निकाला तो उसका फोन छीन कर उसकी बैट्री भी निकाल कर साथ लेकर चले गए। लगभग 20 मिनट तक चले घटना क्रम के बाद फिर सुब्रत राय सहारा ने कुछ नजरों से इशारा किया, जिसपर सुरक्षा कर्मियों ने मीडिया कर्मियों को यह कहते हुए छोड़ दिया कि जाओ लेकिन अगर फोटो छप गई तो दो दिन बाद वापस आकर देख लेंगे।
मजे की बता यह रही की जिस समय सुब्रत राय सहारा के सुरक्षा कर्मी मीडिया कर्मियों के साथ मात्र फोटो ग्राफी करने पर अभद्रता व अपहरण करने का प्रयास कर रहे थे उस समय सुब्रत राय की गाड़ी पर मौजूद एक पुलिस कर्मी ने घटना को नजरंदाज करने के लिए अपने सामने पेपर लगा लिया। (दैनिक जागरण)






