सेवा में, थानाध्यक्ष, थाना धारचूला, जिला- पिथौरागढ़ : विषय- 10 माह बाद भी बाढ़ सुरक्षा कार्य षुरू नहीं होने के कारण आरोपी के खिलाफ प्रथम सूचना दर्ज किये जाने के संदर्भ में : महोदय, वर्ष 2013 में 16 व 17 जून को आयी भीषण आपदा के बाद धारचूला तहसील के अंतर्गत धौलीगंगा, काली नदी और गोरी गंगा किनारे स्थित गांव खतरे की चपेट में आ चुके हैं। इन गांवों के सैकड़ों आवासीय भवन नदी में बह चुके हैं और सैकड़ों आवासीय भवन अभी भी खतरे में हैं। गोरी गंगा, धौली गंगा और काली नदी के किनारे बसे इन गांवों को बचाने के लिय सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ सुरक्षा का कार्य शुरू होना था।
बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिये प्रथम चरण की निविदा एक माह पूर्व स्वीकृत की जा चुकी है और द्वितीय चरण के बाढ़ सुरक्षा के कार्यों की निविदा इस बीच प्रकाशित की गयी है। तीसरे चरण के बाढ़ सुरक्षा कार्य का सर्वे सिंचाई विभाग द्वारा चल रहा है। दस माह से राज्य सरकार लगातार झूठ बोल रही है कि उसने पुननिर्माण के लिये बजट जारी कर दिया है। हकीकत यह है कि आपदा के दस माह बाद भी बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिये कोई बजट उपलब्ध नही हो पाया है, जिस कारण सिंचाई विभाग बाढ़ सुरक्षा का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। दो माह के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ जायेगा और नदी किनारे स्थित सैकड़ों परिवारों के आवासीय भवन खतरे में पड़ जायेंगे।
राज्य सरकार के मुखिया होने के नाते प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत ने जनता के साथ धोखाधड़ी की है, झूठ बोला है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आने से पूर्व संविधान की जो शपथ ली थी उसका उल्लंघन किया है। इस मामले में दोषी श्री हरीश रावत के खिलाफ कानून की मुख्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए नदी किनारे बसे सैकड़ों परिवारों को न्याय देने का कष्ट करें।
धन्यवाद।
जगत मर्तोलिया
जिला सचिव
भाकपा माले, पिथौरागढ़
ग्राम सुरिंग
पट्टी – तिकसैन, तहसील मुनस्यारी
जिला – पिथौरागढ़





