Mrinal Vallari : दिल्ली के "सशक्तीकृत" पत्रकारों की "भलाई" के लिए (…)ख्यात सबसे "सशक्तीकृत" इलाके में आसपास ही हैं दो कद्दावर संस्थाएं- प्रेस क्लब और महिला प्रेस क्लब। महिला प्रेस क्लब ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्वसंध्या पर आमिर खान को बुलाया जो आजकल टीवी पर एक नई "क्रांतिकारी" लाइन बघार रहे हैं कि "महिलाएं कॉक्रोच से डरती हैं और पुरुष बॉस से डरते हैं।" खैर, "क्रांतिकारी" मार्केटियर आमिर खान से मैं इससे ज्यादा उम्मीद भी नहीं कर सकती।
लेकिन "सशक्तीकृत" प्रेस क्लब ने महिला दिवस पर अनोखा "सशक्तीकरण" कार्यक्रम रखा है। वहां कपड़े, गहनों और चादरों की दुकानें सजी हैं, तंबोला खेला जाएगा। चलिए, पत्रकारों ने तो मान लिया कि महिलाओं की इससे ज्यादा कोई समस्या अब नहीं रही… सिवाय इसके कि "…सजना है मुझे सजना के लिए!" लेकिन प्लीज, "महान" पत्रकारों! जब मुजफ्फरनगर दंगों की कब्र पर सैफई में बॉलीवुड कलाकार आकर ठुमके लगाएं, डांस करें तो स्यापा मत फैलाना… अपनी छाती मत कूटना। अपने स्टैंड लेने की जगह पर कहां खड़े हैं आप सब, यह अब दिखता है!
दिल्ली की पत्रकार मृणाल वल्लरी के फेसबुक वॉल से.






