जौनपुर : जौनपुर के मल्हनी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी ने अब तक किसी को भी प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत नहीं किया है। हालांकि अब तक कयास लगाया जा रहा था कि इस विस क्षेत्र से सांसद धनंजय सिंह के परिवार का ही कोई सदस्य भाजपा का उम्मीदवार होगा। लेकिन सभी के कयासों पर उस समय विराम लग गया जब सांसद की पत्नी ने इस विस क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।
भाजपा ने जनपद की 9 विस सीटों के लिये अपने प्रत्याशियों की घोषणा में 8 सीटों के लिये प्रत्याशी घोषित कर दिया है लेकिन मल्हनी विस से किसी को उम्मीदवार नहीं बनाया है। इससे यह कयास लगाया जाने लगा कि इस विस क्षेत्र से सांसद धनंजय सिंह के परिवार का कोई सदस्य चुनाव मैदान में आ सकता है। लेकिन सांसद की पत्नी डा. जागृति सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर ऊहापोह की स्थिति को जहां समाप्त कर दिया, वहीं अब इस बात की चर्चा होने लगी कि भाजपा डा. सिंह के समर्थन में यहां अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी या किसी को प्रत्याशी घोषित करेगी।
पूर्व में रारी विस क्षेत्र का दो बार धनंजय सिंह ने प्रतिनिधित्व किया, वहीं पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा का दामन थाम कर हाथी पर सवार होकर रारी से सांसद हुये और विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया। इसके चलते उनके पिता राजदेव सिंह को बसपा ने यहां प्रत्याशी बनाया और उन्होंने हुये उपचुनाव में जीत कर यह सीट बसपा की झोली में डाल दिया। इस विस क्षेत्र से सपा से पूर्व सांसद पारसनाथ यादव, बसपा से जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पाणिनी सिंह, कांग्रेस-राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन से पूर्व सांसद स्व. अर्जुन सिंह यादव के पुत्र डा. अमित यादव, लोकमंच के कमला यादव मैदान में हैं। डा. सिंह के मैदान में आ जाने से इस निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जहां चर्चा में आ गया।
एक अन्य खबर के मुताबिक एडीजे त्रयोदश आरएमएन मिश्र की अदालत ने प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी के नामांकन में शामिल होने सम्बन्धी प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया तथा उन्हें अपने प्रस्तावक के जरिये नामांकन करने की अनुमति दी। तिहाड़ जेल नई दिल्ली में बंद बजरंगी ने बीते 10 जनवरी को अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था कि वह जिले के मड़ियाहूं विस से चुनाव लड़ना चाहता है। ऐसे में उसे सुरक्षा व्यवस्था के साथ नामांकन करने की अनुमति दी जाय।
वहीं दूसरी ओर मतदाता सूची में नाम आने के मसले पर उपजिलाधिकारी मड़ियाहूं विनोद गौड़ ने जिलाधिकारी गौरव दयाल को अपनी रिपोर्ट भेज दिया। उनके अनुसार मुन्ना बजरंगी और उसकी पत्नी सीमा सिंह का नाम मतदाता सूची से नहीं काटा जा सकता। बजरंगी के परिवार द्वारा दिये गये प्रमाण एवं अधिवक्ताओं की बहस के बाद उपजिलाधिकारी मड़ियाहूं ने फैसला लिया कि बजरंगी व उसकी पत्नी सीमा का नाम मतदाता सूची से काटा नहीं जायेगा।
जौनपुर से मधुकर तिवारी की रिपोर्ट.






