: मनप्रीत फैक्टर से अकाली दल को नुकसान होगा : अकाली नेताओं की सभाओं को सुनने वाले नहीं मिल रहे : चंडीगढ़। अकाली दल से हिन्दुओं ने, भाजपा से सिखों ने दूरियां बना ली हैं। यह दावा पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह करते हुए कहते हैं, “कांग्रेस आगामी राज्य विधान सभा के चुनाव में अकाली दल-भाजपा का सूपड़ा साफ करने जा रही है क्योंकि उसे प्रदेश के सभी वर्गों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।” न्यूज 24 की प्रधान सम्पादक अनुराधा प्रसाद के साथ उनके साप्ताहिक कार्यक्रम ‘आमने-सामने’ में सवालों की बौछार का सामना करते हुए अमरिंदर सिंह दावा करते हैं कि पंजाब की जनता काहिल और निकम्मी अकाली-भाजपा सरकार के शासन से त्रस्त हो चुकी है। अब तो वो उससे हर हालत में मुक्ति चाहती है। अब वो कांग्रेस के हक में अपना फैसला सुनाने के लिए तैयार है।
‘क्या आपके अपने छोटे भाई मलविंदर सिंह के पार्टी छोड़कर अकाली दल में शामिल होने से कांग्रेस की संभावनाओं पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा ? ’ अमरिंदर सिंह दावा करते हैं, “ मलविंदर सिंह के अकाली दल में जाने का पंजाब की बात तो दूर है पटियाला में भी कोई असर नहीं होने वाला। वे मूलत: गैर-राजनीतिक व्यक्ति हैं। मुझे हैरानी इस बात की है कि वे कह रहे हैं कि अकालियों ने उन्हें अगले लोकसभा चुनावों में टिकट देने का वादा किया है। जो बादल सुबह किए वादे को शाम को भूल जाते हैं,उनके वादे पर मलविंदर इतना अधिक यकीन किस आधार पर कर रहे हैं। ”
‘उनका आरोप है कि आपने पुत्र मोह के कारण अपने भाई की अनदेखी की…?’ मलविंदर के इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए वे कहते हैं, “मलविंदर तो बीते कई हफ्तों से बादल पिता-पुत्र के सम्पर्क में थे। मुझे तो उनके जाने से कोई फर्क पड़ा नहीं। वे 67 साल के इंसान हैं। वे अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं,” अमरिंदर के स्वर में गम्भीरता आ जाती हैं। ‘अकाली दल नेता तो विकास के नाम पर वोट मांग रहे हैं?’ इस सवाल पर प्रतिप्रश्न करते हुए अमरिंदर सिंह ने पूछा, “ क्या कोई बता सकता है कि उन्होंने प्रदेश का क्या विकास किया है ? पंजाब भारी कर्जे में डूबा हुआ है। यहां से उद्धोगों का पलायन हो रहा है। बेरोजगारी बढ़ रही है। कृषि क्षेत्र की भी हालत पतली है। कुल मिलाकर हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। बेरोजगार और बेरोजगारी बढ़ती ही जा रही है।”
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में बादल और अकाली दल मुक्तसर, लम्बी,गिद्ड़बा जैसे अपने गढ़ों में भी हार रहा है। अकाली नेताओं की सभाओं में जनता नहीं आ रही। ‘आपका सत्ता पर फिर से काबिज होने को लेकर विश्वास का आधार क्या है ?’ अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब को अकाली-भाजपा सरकार लोकतांत्रिक तरीक से नहीं बल्कि तानाशाह की तरह से चला रहे हैं। भ्रष्टाचार अपन चरम पर है। इनका मीडिया, शराब, ट्रांसपोर्ट जैसे क्षेत्रों पर एकछत्र राज है। जनता सब देख रही है। इन्होंने कुछेक गांवों में आदर्श स्कूल खोलने के अलावा कोई काम नहीं किया। ‘क्या प्रदेश चुनावों में मनप्रीत बादल की पार्टी का भी कोई असर होने जा रहा है?’ अमरिंदर सिंह की राय है कि मनप्रीत बादल की पार्टी पंजाब पीपुल्स पार्टी(पीपीपी) से अकालियों को ही नुकसान होगा क्योंकि उनके ही नेता और कैडर अकाली दल से उनके साथ बाहर निकले हैं। वे मानते हैं,मुख्य मुकाबला तो अकाली और कांग्रेस के बीच ही होगा। आप कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ साक्षात्कार को न्यूज 24 चैनल पर रविवार (जनवरी 15) को रात साढ़े आठ बजे देख सकते हैं।
प्रेस विज्ञप्ति





