कार्टूनों की अपनी भाषा होती है. हजार लाख शब्द जो भाव पैदा नहीं कर सकते, वो एक कार्टून पैदा कर देते हैं. आधुनिक दौर के मशहूर कार्टूनिस्ट हैं पवन. भोजपुरी भाषा और कार्टून का जो उन्होंने मेल कराया है, उससे जो चीज पैदा होती है, वह अदभुत है. पवन के कार्टून हिंदुस्तान अखबार में छपते हैं. चुनाव, ठंढ आदि को लेकर उनके कुछ कार्टून पेश हैं. साथ में कुछ अन्य कार्टून, कैरीकेचर भी.

















