Pramod Tambat : क्या छिछोरा मीडिया है, हाथ धोकर केजरीवाल के पीछे पड़ गया। बड़े-बड़े चैनल और पत्रकार तथ्यों की चीरफाड़ करके अपने हिसाब से अर्थ-अनर्थ करके घंटों से बस एक ही काम कर रहे हैं- केजरी निंदा, और 'आप' पार्टी की लानत मलामत। यह तल्खी, यह नफरत, आलोचना का यह शत्रुता पूर्ण तौर-तरीका साफ़ बताता है कि यह सब कहाँ से संचालित हो रहा है।
आश्चर्य की बात है कि यही मीडिया ना तो कांग्रेस के 60 साल के कुशासन पर इतना झल्लाता है और ना देश के ताने-बाने को बरबाद करने वाली साम्प्रदायिक पार्टियों के क्रियाकलापों पर इस कदर गुस्से से चीखता-चिल्लाता है। सन्देश साफ़ है कि जो जैसा चल रहा है चलने दो, कुछ बदलने की कोशिशों का ऐसे ही जनाज़ा निकाला जायेगा। हर चैनल कह रहा है आम जनता सब देख रही है, आम जनता सब देख रही है….. मीडिया को समझना चाहिए कि आम जनता उनकी भी हरकतें देख रही है।
पत्रकार, व्यंग्यकार और रंगकर्मी प्रमोद तांबट के फेसबुक वॉल से.





