मुरादाबाद : यूँ तो अखबारों में छोटी छोटी गलतियाँ होना आम बात है लेकिन जब कोई बड़ी गलती हो जाये तो इसे या तो जान बूझ कर किया जाना कहा जा सकता है या फिर काम में लापरवाही. बात करते हैं मुरादाबाद से प्रकाशित अमर उजाला अख़बार की. वहाँ पर प्रकाशन विभाग से इतनी बड़ी चूक हो गई की एक दिन पहले प्रकाशित पूरे पेज को दूसरे दिन भी छाप दिया गया.
शुक्रवार 13 जनवरी को प्रकाशित अमर उजाला के पेज संख्या 12 पर विचार पृष्ठ पर जो लेख प्रकशित किये गये थे, दूसरे दिन भी शनिवार 14 जनवरी को पेज संख्या 12 के विचार पृष्ठ पर भी उसी पूरे पेज को दुबारा छाप दिया गया. अमर उजाला की इस बड़ी त्रुटि से जहाँ लोग आश्चर्य में थे वहीं कुछ लोगों का कहना था कि अमर उजाला अगर ऐसी गलती करता है तो निश्चित तौर पर वो अन्य खबरों में भी गलतियां करता होगा. अमर उजाला की इस लापरवाही को देख कर सभी हैरत में थे. हालाँकि अमर उजाला के ई-संस्करण में ऐसी गलती नहीं पाई गई.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





