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क्या यह चार विवादग्रस्त चैनलों के लिए पूरे टीवी समुदाय का ‘बदला’ है?

Om Thanvi : परसों जब बेंगलुरु में केजरीवाल जनसभा कर रहे थे, वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा टीवी के संजीदा एंकर गिरीश निकम Girish Nikam ने दिल्ली में राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर एक दिलचस्प नजारा देखा: केजरीवाल से चैनल शायद हिसाब चुकता कर रहे थे। निकम लिखते हैं कि केजरीवाल बेंगलुरु में कोई एक घंटे बोले (जहाँ बनारस से लड़ने की हुंकार भी भरी), उस जमावड़े को केवल दो चैनल लाइव दिखा रहे थे – ABP News और Headlines Today ।

Om Thanvi : परसों जब बेंगलुरु में केजरीवाल जनसभा कर रहे थे, वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा टीवी के संजीदा एंकर गिरीश निकम Girish Nikam ने दिल्ली में राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर एक दिलचस्प नजारा देखा: केजरीवाल से चैनल शायद हिसाब चुकता कर रहे थे। निकम लिखते हैं कि केजरीवाल बेंगलुरु में कोई एक घंटे बोले (जहाँ बनारस से लड़ने की हुंकार भी भरी), उस जमावड़े को केवल दो चैनल लाइव दिखा रहे थे – ABP News और Headlines Today ।

निकम ने देखा कि बाकी सभी चैनलों ने केजरीवाल की सभा का ब्लैकआउट किया, यानी सिरे से गायब कर दिया। तो बाकी चैनल दिखा क्या रहे थे? निकम ने जो जायजा लिया, उसके अनुसार: News24 – क्रिकेट। IBN7 – होली। NDTV इंडिया – टी.20। India TV – कॉमेडी विद कपिल। आजतक – राहुल गांधी। Zee – होली स्पेशल। Times Now – वीकेंड न्यूज़, NDTV – कॉमेडी शो के विज्ञापन और कार-बाइक शो। CNN IBN – विविध कार्यक्रम …

क्या यह चार विवादग्रस्त चैनलों के लिए पूरे टीवी समुदाय का "बदला" है? निकम बताते हैं कि लगभग सभी बड़े चैनलों के कैमरे वहाँ थे, पर जनसभा को न दिखाने का फैसला ऊपर सम्पादकों की ओर से हुआ। मुझे लगता है सम्पादकों के ऊपर भी कोई "बिग ब्रदर" बैठा है। वरना मोदी और राहुल की सभा में चैनल न पहुंचें, पार्टी उसका टेप लाकर दे दे, तब भी चैनल दिखा देते हैं!

केजरीवाल ने कुछ चैनलों को बुरा-भला कहा, उनकी जांच और गुनहगारों को जेल भेजने की बात कही जो अनुचित थी क्योंकि उसमें धमकी की बू थी। लेकिन, जैसा कि अभी 'हिन्दू' के एन. राम ने शनिवार को दिल्ली में कहा, मीडिया को अपनी आलोचना को खुले दिमाग से लेना चाहिए क्योंकि कोई अब तक हमारी आलोचना खुलकर करता ही नहीं था। राम ने यह भी कहा कि मीडिया का जवाबी उबाल और अतिरंजित प्रतिक्रिया हमें ही हास्यास्पद बना रहे हैं।

नेता अपनी नेतागीरी करें, हम अपना काम — राम और निकम का संदेश सौ-टका माकूल जान पड़ता है।

जनसत्ता के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी के फेसबुक वॉल से.

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