कोलकाता के ताज़ा टीवी में इन दिनों काफी हलचल है क्योंकि चीफ रिपोर्टर शंकर दत्ता के साथ साथ कई पत्रकारों ने चैनल को बाय बाय कहते हुए कोलकाता से प्रकाशित अख़बार प्रभात वार्ता से जुड़ चुके हैं. एंकर नीलाभ सान्याल, प्रोडूसर पूणिमा आचार्य, खेल पत्रकार पव्वानी व अभिषेक पाण्डेय प्रभात वार्ता में अपना योगदान दे रहे हैं. वहीं नए रिपोर्टर शंकर यादव अभय बंग पत्रिका कोलकाता से जुड़ गए हैं. शंकर दत्ता अपनी बंगला पत्रिका का शुरुआत कर चुके हैं.
रिपोर्टर शिखा तुलस्यान भी ताज़ा को छोड़ किसी और प्रोजेक्ट में लग चुकी हैं. ताजा टीवी का हालत अब ऐसी है कि उन्हें मात्र तीन रिपोर्टर से कोलकाता शहर में समाचारों का संग्रह कराने पर मजबूर होना पड़ा है. वो भी तीनों रिपोर्टर हिंदी लिखना पढना नहीं जानते, सभी बंगाली रिपोर्टर हैं. सभी छोड़ने वाले पत्रकारों का आरोप है कि ताज़ा टीवी तीन हजार रुपये में काम करवाता है. पहले ज्वायनिंग के समय सेलेरी ज्यादा पेश की जाती है.
दो महीने तक बिना ज्वायनिंग लेटर व बिना तनख्वाह के काम करवाया जाता है और जब पत्रकार के पास मज़बूरी बन जाती है तो वो उसे महज दो से तीन हजार रुपये में काम करने पर मजबूर करता है. पत्रकार के पास जब कोई उपाय नहीं बचता तो उसे इसी पैसे में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. चैनल मालिक विपिन नेवर पत्रकारों का जम कर शोषण करने के साथ अभद्र व्यवहार भी करते हैं. कोलकाता में ये हाल सभी हिंदी मीडिया हाउस का है. मगर ताज़ा सबसे आगे है. ताज़ा में दिखाए जाने वाली ज्यादातर खबर दूसरे चैनलों से चुराए हुए होते हैं.





