नई दिल्ली : अदालत ने मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद एवं जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल और उनकी कंपनी के बोर्ड निदेशकों को राहत प्रदान कर दी है। अदालत ने जी न्यूज संपादक सुधीर चौधरी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें जिंदल व अन्य के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाने का आग्रह किया गया था। पटियाला हाउस स्थित मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट धीरज मित्तल ने फैसले में कहा कि याची सुधीर ऐसा कोई भी साक्ष्य पेश करने में असफल रहे हैं, जिससे साबित हो कि मानहानि हुई है।
उनके समक्ष पेश दस्तावेज व गवाहों के बयानों का अध्ययन करने के बाद वे महसूस करते हैं कि मामले में जिंदल व अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है। पेश साक्ष्यों के आधार पर आपराधिक मामला नहीं बनता। इसलिए वे दायर याचिका खारिज करते हैं। इससे पूर्व सुधीर के वकील विजय अग्रवाल ने तर्क रखा कि जिंदल, उनकी कंपनी जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के कई निदेशकों ने 25 अक्तूबर 2012 को आपत्तिजनक बयान जारी किया था। बिना तथ्यों व आधार के जारी किए गए इस बयान से उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा नष्ट हुई है। इसलिए इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 499, 500, 501 व 109 के तहत मुकदमा चलाया जाए, लेकिन अदालत ने उनके सभी तर्कों को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि जी न्यूज के दो संपादकों पर जिंदल स्टील से 100 करोड़ रुपये की उगाही का प्रयास करने का आरोप है। इस मामले में दोनों संपादक जेल भी जा चुके हैं, जबकि जी के मालिक व उनके बेटे को अदालत ने जमानत प्रदान कर दी थी।






