बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को टाइम्स नाउ चैनल को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज पीबी सावंत की मानहानि के मामले में 80 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी के स्थान पर कार्पोरेट गारंटी की अनुमति दे दी है। टाइम्स नाउ का संचालन करने वाली टाइम्स ग्लोबल ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (टीजीबीसी) ने हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव का अनुरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर चैनल ने हाईकोर्ट में कहा था कि कंपनी बैंक गारंटी के लिए बैंकों को भारी-भरकम कमीशन नहीं चुका सकती। उसके स्थान पर कार्पोरेट गारंटी जमा कराने की अनुमति दी जाए।
कोर्ट ने सोमवार को टाइम्स नाउ की पेरेंट कंपनी बैनेट कोलमैन एंड कंपनी के हलफनामे को स्वीकार कर लिया। कंपनी ने दो संपत्तियों को कार्पोरेट गारंटी के रूप में कोर्ट में पेश किया। इनमें बेंगलुरू स्थित संपत्ति की कीमत 80 करोड़ रुपए और सिकंदराबाद स्थित दूसरी संपत्ति का बाजार मूल्य 30 करोड़ बताया जाता है। जस्टिस डीके देशमुख की अध्यक्षता वाली बेंच ने कंपनी को दोनों संपत्तियों के कागजात हाईकोर्ट के प्रोटोनोटरी को सौंपने का आदेश दिया। वह संपत्तियों का सत्यापन कर चार हफ्तों में उसकी कीमत का निर्धारण करेगा।
ज्ञात हो कि सितंबर 2008 में टाइम्स नाउ चैनल ने पीएफ घोटाले में आरोपी के रूप में किसी अन्य जज के स्थान पर जस्टिस पीबी सावंत की फोटो प्रसारित की थी। इस पर मानहानि का प्रकरण पुणे की अदालत में चला। वहां से चैनल को जस्टिस सावंत को सौ करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति भुगतान के आदेश हुए थे। इसके खिलाफ चैनल ने हाईकोर्ट की शरण ली तो उसने अपील पर सुनवाई से पहले कंपनी को 20 करोड़ रुपए कोर्ट में जमा कराते हुए 80 करोड़ की बैंक गारंटी देने का आदेश सुनाया था।
साभार : एजेंसी





