पटना । बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव एवं भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य अरुण कुमार ने बिहार की राजधानी पटना से प्रसारित होने वाले खबरिया चैनलों में पत्रकारों एवं गैर-पत्रकार कर्मियों के अनियमित एवं अल्प-वेतन भुगतान पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनके मुताबिक यूनियन मुख्यालय में आ रही खबरों के अनुसार खबरिया चैनलों यथा हमार टी.वी., फोकस, बिहार न्यूज, ताजा खबर, महुआ न्यूज सहित कुछेक अन्य प्राईवेट निजी चैनलों में विगत कई महीनों से नियमित वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है।
उसी प्रकार कुछ अखबारों में जिनमें एकाध दैनिक अखबार भी शामिल हैं, पत्रकारों और गैर-पत्रकारों को मणिसाना वेतन आयोग द्वारा निर्धारित वेतनमान तो नहीं ही दिया जा रहा है, जो भी अल्प वेतन उनका निर्धारित किया गया है, वह वेतन भी उनको मासिक तौर पर नहीं दिया जा रहा है। इस वजह से उनके परिजनों को जीवन निर्वाह में संकट उत्पन्न हो रहा है। जिन पत्रकार, गैर-पत्रकार कर्मियों को किसी विषम परिस्थिति का सामना करना पड़ता है उनकी स्थिति कैसी होगी इसकी कल्पना करने से भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। वैसी स्थिति में जब पटना एवं बिहार के अन्य जगहों पर रह रहे पत्रकारों को सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवा, आवास एवं अन्य किसी किस्म की कोई वैधानिक सुविधा नहीं प्राप्त है उन पत्रकारों एवं उनके परिजनों की पीड़ा क्या हो सकती है, इसकी कल्पना सहज ही की जा सकती है।
इन परिस्थितियों में श्री कुमार ने चैनल एवं अखबारों के मालिकों से अपील की है कि पत्रकारों एवं गैर-पत्रकारों की एवं उनके परिवारजनों की पीड़ा को देखते हुए वे अपने संस्थानों में ऐसी व्यवस्था करें कि उनको कम से कम हरेक महीने के प्रथम सप्ताह तक वेतन भुगतान प्राप्त हो सके। श्री कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री से भी ‘‘न्याय के साथ विकास’’ के नारे की भावना के अनुरूप पत्रकारों एवं गैर-पत्रकार कर्मियों को सरकार की ओर से चिकित्सा-सुविधा एवं आवासीय सुविधा देने की नीयत से विशेष योजना चलाने की मांग की है ताकि बिहार के पत्रकार सही मायनों में मीडिया की मर्यादा के अनुरूप पत्रकारीय कार्य संपन्न करने में अपने को सक्षम महसूस कर सकें और उनको किसी के सामने हाथ फैलाने की नौबत नहीं आ सकें।





