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मध्य प्रदेश

पत्रकारिता को प्रोफेशनल बनाकर ही गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं

: इंदौर प्रेस क्लब के स्थापना दिवस समारोह पर परिसंवाद एवं सभागृह का लोकार्पण : इंदौर। पत्रकारिता को प्रोफेशनल बनाकर ही हम उसकी गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं। पत्रकारिता में आज विश्वसनीयता का संकट इसलिए है कि पत्रकारिता का व्यापारीकरण हो गया है। इसमें कुछ काली भेड़ें आ गई हैं, जिन्हें बाहर करना होगा। हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल न्यायमूर्ति वी.एस. कोकजे ने इंदौर प्रेस क्लब के ५३वें स्थापना दिवस पर बुधवार को राजेंद्र माथुर सभागृह में 'मीडिया की साख पर उठते सवाल' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में अपनी बात रखी।

: इंदौर प्रेस क्लब के स्थापना दिवस समारोह पर परिसंवाद एवं सभागृह का लोकार्पण : इंदौर। पत्रकारिता को प्रोफेशनल बनाकर ही हम उसकी गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं। पत्रकारिता में आज विश्वसनीयता का संकट इसलिए है कि पत्रकारिता का व्यापारीकरण हो गया है। इसमें कुछ काली भेड़ें आ गई हैं, जिन्हें बाहर करना होगा। हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल न्यायमूर्ति वी.एस. कोकजे ने इंदौर प्रेस क्लब के ५३वें स्थापना दिवस पर बुधवार को राजेंद्र माथुर सभागृह में 'मीडिया की साख पर उठते सवाल' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में अपनी बात रखी।

कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं में समाजसेवी आनंद मोहन माथुर, ब्राडकॉस्टिंग एडिटर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी एनके सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार त्रिपाठी थे। अतिथियों ने नवशृंगारित आनंद मोहन माथुर सभागृह का फीता काटकर लोकार्पण किया।

ब्रॉडक्रास्ट एडिटर्स एसोसिएशन के महासचिव एनके सिंह ने कहा कि पत्रकारिता में बाजार की शक्तियां हमला कर रही हैं, जिसने पत्रकारिता की सोच को ही बदल दिया है। कॉर्पोरेट चाहते हैं कि संपादक का सत्य के प्रति आग्रह न हो और बाजार उपभोक्ता वस्तुओं से भरा रहे। इसी सोच ने समाज को जड़वत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान बेमौत मर रहे हैं, लेकिन यह खबर नहीं बनती और कहीं फैशन शो होता है तो बड़ी खबर बन जाती है।

वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार किसी विचारधारा से नहीं जुड़ें। पत्रकार जो भी खबर लिखें, पहले उसके तथ्यों को अच्छी तरह से परख लें। हमारा स्रोत विश्वसनीय होना चाहिए। यह गलत बात है कि पत्रकारिता में जो अच्छा भाषाविद् और विश्लेषक हैं उसे हम पुरातनपंथी मान लेते हैं।

समाजसेवी पूर्व महाधिवक्ता आनंद मोहन माथुर ने कहा कि पत्रकार का दृष्टिकोण ऑब्जेक्टिव होना चाहिए, सब्जेक्टिव नहीं। समाचार पत्रों के संपादक को गौण नहीं समझा जाए। स्वागत उदबोधन अध्यक्ष प्रवीण कुमार खारीवाल ने दिया। अतिथियों परिचय महासचिव अरविंद तिवारी ने दिया। अतिथियों का स्वागत उपाध्यक्ष अमित सोनी, कोषाध्यक्ष कमल कस्तूरी, आनंद मोहन माथुर ट्रस्ट के ट्रस्टी बालकृष्ण गायके, सुनील त्रिवेदी, डॉ. पूनम माथुर ने किया। अतिथियों को प्रतीक चिन्ह अशोक मिश्रा, डॉ. राजकुमार माथुर, अतुल लागू व पी.के. शुक्ला ने दिए। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार सचिव संजय लाहोटी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में इंदौर प्रेस क्लब सदस्य एवं शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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