केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की लखनऊ बेंच ने कल आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा आईजी अभियोजन से आईजी नागरिक सुरक्षा के पद पर हुए तबादला के विरुद्ध दायर याचिका को ख़ारिज कर दिया. याचिका में श्री ठाकुर ने कहा था कि उनका अभियोजन विभाग से तबादला 28 जनवरी 2014 को संशोधित आईपीएस कैडर रूल्स 1954 के नियम 7 के खिलाफ था जिसके अनुसार दो वर्ष से पहले कोई भी तबादला बिना एक निश्चित प्रक्रिया अपनाए नहीं किया जा सकता है.
न्यायिक सदस्य नवनीत कुमार ने अपने आदेश में कहा कि सेवा में तबादले का अर्थ मात्र संस्था के अन्दर एक स्थान से दूसरे स्थान पर तैनाती होता है जो सार्वजनिक सेवा का अनिवार्य अंग है और कोर्ट इसमें तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकते जब तक यह नियम विरुद्ध ना हो. कैट के अनुसार यद्यपि ये नियम 28 जनवरी को लागू हो गए थे पर चूँकि राज्य सरकार को ये नियम 14 फ़रवरी के डीओपीटी के पत्र से ज्ञात हुए, अतः इस तबादले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है.





