नरेंद्र मोदी और रजत शर्मा के बीच फिक्स इंटरव्यू के खिलाफ नकवी के इंडिया टीवी से इस्तीफे का मीडिया जगत ने तहेदिल से स्वागत किया है. वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव अपने फेसबुक वाल पर लिखकर नकवी को इस कदम के लिए बधाई दी है. उन्होंने कहा- ''नरेन्द्र मोदी वाली 'आप की अदालत' पर वहीद नक़वी का इंडिया टीवी के समाचार निदेशक पद से इस्तीफा पत्रकारिता के उच्चतम मानकों के अनुरूप है। बधाई।''
उधर, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आशुतोष कुमार ने कहा है- ''मीडिया को फिक्स किया जा सकता है, मैंडेट या जनादेश को नहीं। ये इंडिया है, इंडिया- टीवी नहीं।''
युवा मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार कहते हैं- ''यदि नकवीजी के इंडिया टीवी से इस्तीफा दिये जाने की वजह आप की अदालत का मोदी की अदालत बन जाना है तो रजत शर्मा की साख की तो कायदे से बत्ती लग गयी. इसे ऐसे भी कहा जा सकता है की खुद प्रोग्राम आपकी अदालत कटघरे में आ गया है जो कि 21 साल से एक ख़ास सम्मान और भरोसे के साथ देखा जा रहा था. ऐसा होने से चैनल और रजत शर्मा की साख पर कायदे से डेंट पड़ी है. काश वो ये एपिसोड ऑन एयर होने के पहले दे देते..पुण्य प्रसून ने भी दागदार संपादक की गिरफ्तारी को आपातकाल करार देकर इस्तीफा दिया था और ये मोदिनामा होने के बाद..खैर, नकवीजी जब तक ऐसे किसी मीडिया संस्थान से दोबारा से नहीं जुड़ते,तब तक के लिये उनका इस्तीफा, इस्तीफा से आगे की चीज़ मानी जायेगी.बर्दाश्त की भी एक सीमा होती है. कब तक का सवाल के साथ भी..''
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मूल खबर…
रजत शर्मा-नरेंद्र मोदी में अनैतिक डील के खिलाफ इंडिया टीवी के चीफ एडिटर नकवी ने दिया इस्तीफा






