नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर और वरिष्ठ नौकरशाह गोपालकृष्ण गांधी ने कहा है कि देश में रिलायंस की समानांतर सरकार चल रही है। देश में व्याप्त कॉरपोरेट की लालच भरी प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा कि कोई ऐसा देश नहीं है जहां किसी एक कंपनी के पास इतनी ताकत है। गांधी के मुताबिक रिलायंस का देश की प्राकृतिक, वित्तीय, व्यावसायिक और मानव संसाधनों पर जबर्दस्त कब्जा है।
इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने वाले अरविंद केजरीवाल ने रिलायंस ग्रुप और केंद्र सरकार की साठगांठ का आरोप लगाते हुए कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दे दिया था। केजरीवाल ने कांग्रेस और भाजपा पर रिलायंस के साथ मिलकर लूट-खसोट भरे पूंजीवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। केजरीवाल के साथ कई पूर्व नौकरशाहों ने कृष्णा गोदावरी बेसिन से प्राकृतिक गैस के दोहन में अनियमितता का आरोप भी लगाया है। इसी क्रम में मंगलवार को गोपालकृष्ण गांधी ने सीबीआई की आयोजित डीपी कोहली मेमोरियल लेक्चर समारोह के मंच से रिलायंस पर धावा बोला।
गांधी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र कुछ मायनों में काफी अच्छा कर रहा है लेकिन यह चिंताजनक बात है कि यहां किसानों की आत्महत्या के बारे में ज्यादा कोई नहीं पूछता। यह सवाल कोई खड़े नहीं करता कि सूखे के दौरान गांव के लोग जानवरों की तरह पलायन कर कैसे अपना जीवन बसर करते हैं।
पहले लोग सरकार पर काले धन के कब्जे की बात करते थे। वह काला धन आज चुनाव के समय झोलों और बैगों में भर कर उन झुग्गी झोंपड़ियों में पहुंचता है जहां पैसे से वोट खरीदे जाते हैं। गांधी ने कहा कि इसी देश में बीआर अंबेडकर आर्थिक लोकतंत्र की बात करते थे। लेकिन अब हालात यह है कि अंबानी जैसे उद्योगपतियों का देश के तकनीकी व्यावसायिकता पर एकक्षत्र राज है। यह ऐसी स्थिति है जो भारतीय लोकतंत्र का काला चेहरा उजागर करती है। (साभार- अमर उजाला)





