गोरखपुर में दैनिक जागरण की परेशानी खतम होने का नाम नहीं ले रही है. जागरण ने भर्ती अभियान शुरू कर दिया है, पर जाने वालों का सिलसिला अब भी जारी है. सलेमपुर से ब्यूरोप्रभारी जीतेंद्र उपाध्याय के जाने के दूसरे दिन देवब्रत दीक्षित ने भी दैनिक जागरण को बाय कर दिया. इसके चलते सलेमपुर कार्यालय में ताला लगने की नौबत आ गई थी, पर देवरिया के जिला प्रभारी देवेंद्र ओझा समय से सचेत होने के चलते यह नौबत नहीं आ पाई.
देवेंद्र ने अमर उजाला से संजय यादव को तोड़कर सलेमपुर में जागरण्ा का साथी बना दिया, जिससे कार्यालय बंद होने की नौबत नहीं आने पाई. दूसरी तरफ चर्चा यह भी है कि संजय यादव भी जीतेंद्र उपाध्याय के पुराने सहयोगी हैं और दोनों में खूब छनती है, इस लिए माना जा रहा है कि जीतेंद्र अपने साथ संजय को भी जनसंदेश टाइम्स ले जा सकते हैं. इस संभावना को देखते हुए देवरिया कार्यालय में कार्यरत संजीव शुक्ला रोज सलेमपुर में जाकर बैठ रहे हैं.
दूसरी तरफ भाटपार से सौरभ मिश्रा के जनसंदेश टाइम्स जाने के बाद विपुल त्रिपाठी को वहां का प्रभारी बना दिया गया है. पर बताया जा रहा है कि विपुल भी सौरभ के संपर्क में हैं. संभावनाएं कई तरह का इशारा कर रही हैं. बरहज और रूद्रपुर में भी जागरण ब्यूरो प्रभारियों को तोड़ने के लिए व्यूह की रचना की गई है. जनसंदेश टाइम्स की रणनीति दिन-ब-दिन जागरण पर भारी पड़ती जा रही है. अभी जनसंदेश टाइम्स का प्रकाशन शुरू नहीं हुआ है और संभावना जताई जा रही है कि प्रकाशन होने के बाद और भगदड़ मचेगी.
इधर, जागरण ने भी अपना भर्ती अभियान शुरू कर दिया है. पेजीनेटर और डिजाइनरों का विज्ञापन निकालने के बाद संपादकीय में भर्ती का काम शुरू हो गया है. राष्ट्रीय सहारा से नीरज श्रीवास्तव को तोड़कर जागरण ने महाराजगंज जिला कार्यालय में जोड़ लिया. गोरखपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष और युनाइटेड भारत के पत्रकार एसपी सिंह को भी दैनिक जागरण ने अपने साथ जोड़ लिया है.





