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आवाजाही, कानाफूसी...

पंकज पचौरी ने पत्रकारिता के साथ भितरघात किया!

''सवाल ये नहीं है कि एनडीटीवी के विशेष संपादक पंकज पचौरी अब प्रधानमंत्री और सरकार की जबान बोलेंगे, सवाल ये है कि यह जबान बनने के लिए उन्‍होंने एनडीटीवी में रहते हुए सरकार के पक्ष में जो लॉबिंग की होगी, वह पत्रकारिता के साथ किस किस्‍म का भितरघात रहा होगा। वैसे तो राडिया कांड ने सरकार और मीडियाकार के रिश्‍तों से थोड़ा परदा उठाया ही था और एक हद के बाद मीडिया का प्रतिपक्षी स्‍वर मद्धिम पड़ने से जुड़ी सरकारी नकेल के बारे में बहुत सारी बातें जगजाहिर ही है – फिर भी पता नहीं क्‍यों, देश के नागरिकों में मीडिया को लेकर तीस-चालीस फीसदी भरोसा अब भी बना हुआ है। इसी भरोसे की जमीन पर जब कल शाम मैंने फेसबुक पर पंकज पचौरी के बारे में यह नयी सूचना डाली, तो लोग हैरान रह गये। कुछ तैश में भी आये, लेकिन कुछ ने इस किस्‍म की आवाजाही को नौकरी की अदल-बदल बताया। उनके लिए मीडिया और सरकार महज नौकरी करने के दो ठिकाने हैं। दायित्‍वबोध मानो दोनों ही जगह से गायब हो।''

''सवाल ये नहीं है कि एनडीटीवी के विशेष संपादक पंकज पचौरी अब प्रधानमंत्री और सरकार की जबान बोलेंगे, सवाल ये है कि यह जबान बनने के लिए उन्‍होंने एनडीटीवी में रहते हुए सरकार के पक्ष में जो लॉबिंग की होगी, वह पत्रकारिता के साथ किस किस्‍म का भितरघात रहा होगा। वैसे तो राडिया कांड ने सरकार और मीडियाकार के रिश्‍तों से थोड़ा परदा उठाया ही था और एक हद के बाद मीडिया का प्रतिपक्षी स्‍वर मद्धिम पड़ने से जुड़ी सरकारी नकेल के बारे में बहुत सारी बातें जगजाहिर ही है – फिर भी पता नहीं क्‍यों, देश के नागरिकों में मीडिया को लेकर तीस-चालीस फीसदी भरोसा अब भी बना हुआ है। इसी भरोसे की जमीन पर जब कल शाम मैंने फेसबुक पर पंकज पचौरी के बारे में यह नयी सूचना डाली, तो लोग हैरान रह गये। कुछ तैश में भी आये, लेकिन कुछ ने इस किस्‍म की आवाजाही को नौकरी की अदल-बदल बताया। उनके लिए मीडिया और सरकार महज नौकरी करने के दो ठिकाने हैं। दायित्‍वबोध मानो दोनों ही जगह से गायब हो।''

यह बयान है एनडीटीवी में काम कर चुके अविनाश का. अविनाश हिंदी के चर्चित ब्लागर हैं. मोहल्ला नामक ब्लाग और मोहल्लालाइव नामक उनकी वेबसाइट है. उन्होंने अपने फेसबुक स्टेटस पर भी पंकज पचौरी को लेकर एक बयान दिया है जिस पर भारी मात्रा में कमेंट आए हैं. आइए, देखते हैं कि पंकज पचौरी को लेकर फेसबुक पर क्या हल्ला मचा है….

Avinash Das

पंकज पचौरी ने पत्रकारिता को अलविदा कह दिया है। वे प्रधानमंत्री के कम्यूनिकेशन एडवाइजर हो गये हैं। हिंदी पत्रकारिता के लिए ये कितने गौरव का दिन है! आइए पटाखे छोड़ें…

231 like this. 7 shares

        Amaresh Mallik ye bahut khed ki baat hai………………hum unhe abhi bhi patrakaarita karte huye dekhan chahte hai……………
        19 hours ago · Like · 2
        Girindranath Jha गजबे हो गया..
        19 hours ago · Like · 4
        Dharmvir Singh sarkari bhand hona kab se gaurav ki baat hui avinash ji
        19 hours ago · Like · 7
        Teena Vijay yr kab hua??
        19 hours ago · Like
        Rajendra Chaturvedi Chaturvedi अविनाशजी, ये गौरव का दिन नहीं है। पत्रकारिता राजनीति के नजदीक पहुंचकर खत्म हो जाती है।
        19 hours ago · Like · 14
        Shailly Srivastav really???? when
        19 hours ago · Like
        Sanjay Awasthi Badhiya hai Pankaj ki to mauja hi mauja ho gayi.
        19 hours ago · Like · 1
        Mohammed Anas बाप रे बाप///
        19 hours ago · Like
        Kamlesh Kumar Singh Patrakarita tayag Chatukarita shuru
        19 hours ago · Like · 1
        Vivek Dutt Mathuria ye kya ho gaya ….gajab ……bechara karl Marax
        19 hours ago · Like · 3
        Alok Ranjan ye kya?
        19 hours ago · Like
        Rajesh Kotwal CHALO P.M.O.
        19 hours ago · Like
        Susmit Priyadarshi सभी को ऐसा लग रहा है कि आप जश्न मना रहे हैं कि एक पत्रकार PM के Communication Adviser हो गए हैं, पर मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आपकी खुशी इस बात की है कि पंकज पचौरी ने पत्रकारिता छोड़ दी है …….
        19 hours ago · Like · 4
        Abhishek Srivastava हमारे प्रधानमंत्री तो कम्‍युनिकेटे नहीं करते… पंकज जी करेंगे क्‍या… यहां भी हराम की कमाई…
        19 hours ago · Like · 21
        Susmit Priyadarshi ‎Avinash Das ये बताईये कि मैं सही हूँ या फिर और?
        19 hours ago · Like
        Ravi Shekhar पत्रकारों के लिए बड़ी खबर ……………..बधाई स्वीकारें
        19 hours ago · Like
        Jyotsna Pant kammal karte hain pachori ji bhi….
        19 hours ago · Like · 3
        Arun Arora बिलकुल गौरव की बात है पचौरी के लिए अब उन पर पेड न्यूज का आरोप नहीं लग सकता .. अब तक वो खुद पेड कार्य करते थे अब अपने मित्रों को भी पेड नयूज का लाभ दिलावायेगे
        19 hours ago · Like · 9
        Dinesh Mansera wah great..
        19 hours ago · Like
        Jyotsna Pant ‎@ arora: sahi ke rahe hain aap aroraji…
        19 hours ago · Like · 1
        Ashish Jha एक और पत्रकार बिक गया। यह पत्रकारिता का अंतिम लक्ष्‍य हो गया है।
        19 hours ago · Like · 7
        Amaresh Mallik ‎Avinash Das–पंकज पचौरी जैसे पत्रकार अगर सरकार की चाटुकारिता करने लगेंगे तो आने वाले दिन में एक आम पत्रकार जो सिर्फ पैसे के लिए पत्रकारिता करते है जिसको हम paid news या खवर कहते है वही देखने को मिलेगा……
        19 hours ago · Like · 2
        Vikas Kumar मुझे लग रहा है कि इसमे न तो पटाखे फोड़ने की जरुरत है और न ही आसूं बहाने की. जिसे, जिधर मैका मिल रहा है. जा रहा है. अपनी रोजी-रोटी के बारे में सोंचना कोई गुनाह तो नहीं है. क्यों अगर कल को अविनाश जी को ही प्रधानमंत्री का मीडिया सलाहकार बनने का मौका मिला तो क्या वो यह कह के उस मौके को ठुकरा देंगे कि नहीं जी…मैं तो मोहल्ला लाईव के जरिए कुछ बेहतर माहौल बनाने की कोशिश कर रहा हूं.
        19 hours ago · Like · 12
        Jyotsna Pant ‎@ashish: ek or….???? in dino to lagbhag har patrakar bika hua hai, koi bhdchal me koi majboori ke naam par or koi jarurato ko pura karne k liye…. don't u think so???
        19 hours ago · Like · 4
        Saurabh Kumar आखिर वो कांग्रेस की गोद मैं बैठ ही गए …….पत्रकारिता का एक और काला अध्याय ….
        19 hours ago · Like
        Prabhat Dixit patrkaro evam patrakarita ko jo jara bhi samjhte hai vo jante hai ki NDTV India par Pankaj Pachauri kewal sarkar ka bhopu matra hai.
        19 hours ago · Like · 1
        Amaresh Mallik पत्रकार को बिकाऊ पत्रकारिता नही करनी चाहिए…………….
        19 hours ago · Like
        Abhishek Srivastava करिए हाय-हाय क्‍यूं… रोइए ज़ार-ज़ार क्‍यूं… अरे भाई पंकज जी का ''बिकना'' कोई बच्‍चा पैदा होने जैसा गुणात्‍मक परिवर्तन थोड़े ही है… ये तो एक प्रक्रिया है जो मात्रात्‍मक तरीके से घटित होती है और गुण को धीरे-धीरे साथ में बदलती है… इसे कतई दिल से न लगाएं आप लोग…
        18 hours ago · Like · 4
        Vishaal Nityanand ek bar unhone mujh se poocha tha…aap kis baaner ke leye kaam karte hain..mane kaha..apne..fir unhone kaha..aapka issue accha hai per koi banner sath hota to mai bhi aap se jud jaata.
        18 hours ago · Like
        Vikas Kumar कुछ साथी इसे बिकना कह रहे हैं. इसे इस तरह से क्यों न लिया जाए कि पंकज जो की पत्रकार के तौर पे एक नौकरी करते थे. उन्होंने अपना संस्थान बदल लिया है. जगह बदलने में या अपने लिए बेहतर मौका देखकर जाने में दिक्कत क्या है. पंकज, दिलीप मंडल से तो बेहतर ही हैं जिन्होंने अपनी कथीत क्रांतिकारिता की वेदी पे दो लोगों की बली दे दी फिर जैसे ही मौका मिला. इंडिया टुडे से जुड़ गए.
        18 hours ago · Like · 9
        Jyotsna Pant ‎@amaresh: yadi patrakar wakai bikau patrakarita chhod dein to sari patrakar biradari or jyada badnam nahi hogi…
        18 hours ago · Like · 2
        Prakash Priyadarshi great
        18 hours ago · Like
        Amaresh Mallik ‎@jyotsna–ऐसी कौन सी जरूरत……? जरूरते का कोई अंत नही है…………….
        18 hours ago · Like
        Ranjana Singh kshadm the ab jahir ho gaye…isme khush hone wali baat hai..kam se kam ab hame pata to rahega koun kya hai…
        18 hours ago · Like · 2
        Arun Arora एक सुधार .. वे प्रधानमंत्री के कम्यूनिकेशन नहीं कम्युनल एडवाइजर हो गये हैं।
        18 hours ago · Like · 3
        Abhishek Goswami ‎'कॉर्पोरेट' और 'राज्य' के संघर्ष के दौर मेँ शायद राज्य के पाले मेँ खड़े रहने का यही विकल्प उन्हे अधिक उचित लगा हो। अन्यथा गाँव भी लौटते हैं लोग।
        18 hours ago · Like · 3
        Arun Arora अब कुछ दिनों बाद ये भी दिग्गी राजीव की तरह चमचागिरी करते हुए नयूज चैनलों पर काग्रेस के फेवर में बेतुकी और गलीज घटिया मुद्दों पर स्पोक मेंन बन भौकते दिखाई देगा
        18 hours ago · Like · 4
        Ashish Jha विकास जी, मैं आपकी बातों से सहमत हूं। दरअसल ये लोग पत्रकार के नाम पर लाला की दुकान में नौकरी करनेवाले नौकर से ज्‍यादा कुछ नहीं है। कुछ मित्र हमसे हो सकता है पत्रकारिता का मतलब भी पूछ दें, लेकिन ऐसे पत्रकार को पत्रकार से ज्‍यादा पत्रकारिता के नाम पर समाज से ज्‍यादा अपना जुगाड लगानेवाला कहना चाहिए।
        18 hours ago · Like · 3
        Anurag Arya यानि एक "महान ,ईमानदार, क्रांतिकारी पत्रकार ओर लेखक होने के लिए जिंदगी भर साइकिल पे डोलना ओर सरकारी अस्पताल में जाकर मरना कम्पलसरी है ?? भाई ऐसा क्यों नहीं सोचते एक अच्छा आदमी किसी व्यवस्था को भी तो बेहतर कर सकता है ,या अच्छे आदमी को अपनी तरक्की के बारे में नहीं सोचना चाहिए .??
        18 hours ago · Like · 3
        Ashish Jha अर्या जी, कम से कम पत्रकारों को तो चुतिया मत बनाइए। हर कोई जानता है लोग कैसे और क्‍यों पद पा रहे हैं। आखिर कितने दिनों तक आप एलीट लोग आत जनता को यू मूर्ख बनाते रहेंगे।
        18 hours ago · Like · 3
        Ashish Jha ईमानदार तो बरखा, प्रभु और वीर जैसे लोग भी है। इस समाज मे ईमानदारी भी औकात देखकर तय होती है।
        18 hours ago · Like · 5
        Sandip Naik बधाई हो हम सबके लिए यह मंगल दिवस है और अब एनडीटीवी के सभी लोगो को और बाकी के भी दिग्गजों को किसी ना किसी का हमराही हो जाना चाहिए……पुराना गीत है " प्यार तो होना ही था"……………
        18 hours ago · Like · 3
        Sanjay Awasthi Bubhushitam kim na karoti papam..
        18 hours ago · Like · 1
        श्याम कोरी 'उदय' ‎…
        गप्प-गप्प सूतने से परहेज है किसे
        जिधर देखो उधर, टपकती लार है !
        18 hours ago · Like · 5
        Sanjay Awasthi NDTV is pro Govt. because it gets benefits from Govt. and it is proved now.
        18 hours ago · Like
        Sandip Naik इंतज़ार रवीश, बरखा, निधि, हरदेश जोशी, पुण्यप्रसून और आशुतोष जैसे साथियों का है…………अब…..
        18 hours ago · Like · 5
        Amaresh Mallik ‎@anurag arya—जिस ब्यबस्था परिवर्तन के लिय अन्ना हजारे और उनकी सहयोगी संगर्ष कर रहे है, पचौरी वहाँ क्यों नही गये…..? क्योंकि मलाई सरकार के पास होती है जनता के पास तो सिर्फ कटोरा……….
        18 hours ago · Like · 4
        Jitendra Jha Ab pankaj pachori saab bhi nahi rahe. kon sambhalega itni badi jimmedari. banki sab to patrakarita ko chhod kar hangama hin karte rehte hain. ek pachori saab the use bhi upar wolon ne apne pas bula liya. ab to patrakarita ka bhagwan hin malik hai.
        18 hours ago · Like
        Sanjeev K Jha आइये अब पत्रकारिता छोड़ें, अविनाश भाई
        18 hours ago · Like · 2
        Vinay Dwivedi चलो अपन भी कोशिश करते है-मेरा नंबर कब aayega.
        18 hours ago · Like
        Basant Rawat गुड़ न्यूज़ ..
        18 hours ago · Like
        Chandan Mishra कोई आश्चर्य नहीं…एनडीटीवी की नीति जो पिछले दिनों थी उसको देखकर तो एक न एक दिन ऐसा होना ही था…मेरे लिए शर्म की बात है…आइए पटाखे छोड़े
        18 hours ago · Like · 5
        Devendra Singh Rawat अच्छा पहले ये नौकरी बरखा को मिलने वाली थी… क्या हुआ… सेटिंग नहीं बनी?
        18 hours ago · Like · 6
        अजीत कुमार पटाखे फूटने शुरू हो गए, पता नहीं आवाज कहाँ-कहाँ पहुंची.
        18 hours ago · Like · 1
        अजीत कुमार चलिए इसी बहाने जो जगह खाली हुई वो एक नई प्रतिभा को मिले.
        18 hours ago · Like
        Satish Thakur आना ही है…ऊँटउन को.. पहाड़ के नीचे…!
        18 hours ago · Like
        Siddhant Tiwari sach me ye to gaurav ki baat hai….. cheers!!!!!!!!!!!
        18 hours ago · Like
        Mayank Saxena मैंने अभी एक फुलझड़ी जलाई है खुशी में…मैंने दीवाली से ही बचा के रखी थी …इस शुभ मौके के लिए…जो उनका इतिहास नहीं जानते, वो दुखी हों…मैं इतिहास दोहराए जाने से खुश हूं…
        18 hours ago · Like · 3
        Kamalendra Jha i m sad
        18 hours ago · Like
        Siddhant Tiwari lekin dekhna ye hai ki kya wo media ko rokenge ya khud pradhanmantri ki tarah muk darshak bane rahenge
        18 hours ago · Like
        Rupa Mondal koi patakha- utakha chhosdne ki jarurat nahi hain, isse pollution badhta hain aur jab padhe-likhe log esi bat karta hain to unhe sarm aani chahiye…….jise jahan jana tha chala gaya, isme kaaun si herani ki bat hain …
        18 hours ago · Like · 2
        Vidhan Chandra Rana NDTV से इसको promotion के तौर पर देखा जाये , या फिर इसको ऐसे समझा जाये की आजकल ndtv का कांग्रेसी 'टिल्ट' होने का इनाम इनको मिल गया . अच्छा है लेकिन इनको अब कौन replace करेगा ? कांग्रेस भजन करने का इनाम तो पचौरी जी की मिल ही गया है , देखना है और कितने लोग हैं लड्डू खाने वाले ?
        18 hours ago · Like · 3
        Sumit Sundriyal isse achi khabar aj k din k liye ho hi ni skti…….
        18 hours ago · Like
        Uday Shankar पंकज पचौरी को जयजयवंती सम्मान 🙂
        18 hours ago · Like · 2
        Bindeshwar Sah Mr. Manmohan singh is the unconstitutional head of unconstitutional & illegal central govt.
        18 hours ago · Like
        अजीत कुमार वैसे दावेदारों में और कौन-कौन से लोग थे, ये भी तो पता चले.
        18 hours ago · Like
        Sunil Sunda शायद इसमे पटाखे छोड़ने जैसी कोई बात नही है
        18 hours ago · Like
        Nitya Rai kya ?
        18 hours ago · Like
        Sanju Das OMG!!!!!
        17 hours ago · Like
        Pinku Mishra Sarkar ke saath kaam karna agar itna kharab hota toh yaad rakhiye ki aap mein se bahut se log jo sarkari school ke product hain including me kabhi padh hin nahin pate. Pata nahin yeh Annawad desh ko kahan le jayega
        17 hours ago · Like · 2
        Gunjan Pratap Singh Patrakar patrakar hota hai….aur zindagi bhar patrakar rahta hai…..lekin har patrakar naukar bhi hota hai kisi na kisi media house ka….pankaj ji ne naukari badli hai patrakarita nahi chhodi hai……
        17 hours ago · Like · 2
        रविन्द्र कुमार दत्ता pankaj jee bi ab bharat ke ratno mai samil ho gye jaise akabar ke darbar main navrattan hua karte the
        17 hours ago · Like · 1
        Chandrakant Singh pankaj ji ise deserve karte hain.
        17 hours ago · Like · 1
        Chaitanya Alok नौकर के नौकर होने में कौन सी बढ़ाई है 🙂
        17 hours ago · Like
        Anurag Arya तो कुल मिलाकर ये "रुल" तय हुआ जो भी" किसी भी सरकार" में किसी पद पर जाएगा वो बेईमान है …बाई दी वे सत्ता का चरित्र एक ही रहता है बस शक्ले बदलती रहती है …. यानी ईमानदारी का सर्टिफिकेट आपको तभी मिलेगा जब आप किसी सरकारी ऑफर को ठुकरायेगे . यानि कल पंकज ऑफर ठुकरा दे तो "महान "तय .? हल्ला पचोरी की वजह से मच रहा है या किसी" पत्रकार" के उस पद के जाने से ? यानी की उनकी जगह "ए" बी या" सी "जाते तो भी यूँ ही पटाखे फूटते ? वैसे कौन सा चैनल ओर अखबार देश ओर समाज की सेवा कर रहा है भाई ? सब धंधे में बैठे है ……
        17 hours ago · Like · 9
        अविनाश वाचस्पति अन्नाभाई हम सबको भी सच्‍चे मन से कोशिश करनी चाहिए कि पटाखे छोड़ने के बजाय पीएम को पटाने के नुस्‍खे सीखें
        17 hours ago · Like · 2
        Vimalendu Dwivedi भगवान करे भारत के सभी पत्रकारों की यही गति हो एक दिन….
        17 hours ago · Like · 1
        Rajeev Sharma jise mil gaye theek hai..baaki ke liye angoor khatte hain…
        16 hours ago · Like · 1
        Mukul Saral ‎"आइए पटाखे छोड़ें…" हा…हा…आहा
        16 hours ago · Like
        Avinash Das ‎Rajeev Sharma … भगत सिंह ने नारा दिया था, साम्राज्‍यवाद मुर्दाबाद … क्‍या ब्रिटिश साम्राज्‍यवाद उनके लिए खट्टे अंगूर की तरह था?
        16 hours ago · Like · 4
        Prakash K Ray पंकज जी मेरे िलए हमेशा साधारण दर्जे के पत्रकार रहे हैं. लेकिन वे हरीश खरे और संजय बारू की तरह सतही और ढोंगी नहीं है. मजा यह देखने में आएगा कि नया टाॅनिक पुतले में कितनी जान फंूक पाता है.
        16 hours ago · Like
        Munna Kumar Pandey jo kham thokte the satta ke baraks aaj wah unki ki tasreef ke neeche hatheli diye baithe hain
        16 hours ago · Like
        Rajeev Sharma pankaj ji ki tulna bhagat singh se mat kariye Sir….bhagat singh chahte to angur khud kha sakte thhey…lekin unhone meethe angoor khane ke liye Desh ko de diye….aur jaanbujh kar khud ko british qaid me jane diya…ab baat Pankaj ji ki…aadarsho ki baat aur hai lekin chahta har koi wohi hai , jis jagah Pankaj ji pahunche hain… khair koi baat nahi… Bhagat Singh Zindabaad
        16 hours ago · Like
        Shishir Singh विलाप करने वाले कोरा विलाप कर रहे हैं, बुरा देखते-देखते बुरा सूँघने की भी आदत पड़ गई है। इससे पहले द हिन्दू के पत्रकार हरीश खरे पीएम के मीडिया सलाहकार बने थे तो क्या वो भी बिके हुए थे। कभी-कभी कुछ चीजें योग्यता के कारण भी होती हैं। उन्हें न मौका मिलता तो क्या इन्डिया टीवी के रजत को मौका दिया जाता या उनकी किसी समझदार एंकर को।
        16 hours ago · Like · 1
        Neeraj Diwan बुरी खबर..
        16 hours ago · Like
        Avinash Das ‎Rajeev Sharma … मेरी भी हसरत बेईमान होने की है और मैं भी गुपचुप सौदेबाजी करके सरकार में बड़ा पद हासिल करना चाहता हूं … मान लीजिए, मैंने कर भी लिया … तो क्‍या किसी को मुझ पर सवाल नहीं उठाना चाहिए? सिर्फ इसलिए, क्‍योंकि वो ऐसा नहीं कर सका? फिर सवाल उठाना किसको चाहिए? संदेह करना किसको चाहिए?
        16 hours ago · Like · 5
        Abhimanyu Shitole इसे पत्रकारिता में सत्ता की सेंधमारी कहें या पीएमओ में पंकज की…? दरअसल वास्तविक जिंदगी में बहुत ज्यादा इंटेलेक्चुअल होने की जरूरत नहीं है… काम यूं भी चल ही जाता है… पंकज पर बहस करके अपुन ही उसको बड़ा बना रहे है या यूं कहें की बखेड़ा बना रहे है…! पंकज या कोई और वहां क्या कर पाएंगे सबको कल्पना है… यस सर ही करना है तो करने दीजिए…। हर किसी को अपना बुढ़ापा सुधारने की चिंता है भाई!
        16 hours ago · Like · 4
        Neeraj Diwan मेरा मूड खराब कर दिया इस खबर ने..
        16 hours ago · Like · 1
        Priyanka Singh bilkul………………congrats
        16 hours ago · Like
        Ankit Mutreja सर आपके ये सब सवाल मेरे उपरी माले से निकल गये !
        दिल की बात कह देता हू तो संदेह,सवाल उठाना आदि आदि सब कुछ आपके आंतरिक आत्मा को करना लाज़मी बनता है !
        16 hours ago · Like
        Neeraj Diwan पढ़कर अच्छा तो नहीं लगा.. परंतु अब सोचता हूं.. परदा हटा दिया.. अच्छा ही किया।
        16 hours ago · Like · 2
        Rajendra Mishra congrats pankajji.
        15 hours ago · Like
        Soumitra Roy क्‍या फर्क पड़ता है अविनाश भाई। वे वहां भी नौकरी कर रहे थे, अब जहां होंगे वहां भी नौकरी ही करेंगे। पत्रकारिता किसे करनी है ?
        15 hours ago · Like · 3
        Rohit Mishra मेरे ख्याल से न तो पटाखे फोडऩे और न ही छाती पीटने जैसी कोई बात है। जैसा कि ऊपर ९५ बार हुआ है। यह बदलाव तो होते ही रहते हैं। शुभकामनाएं पंकज जी को।
        15 hours ago · Like
        Satyendra Pratap Singh खुशी की बात/ पटाखे तो तब तक नहीं छोड़ सकते, जब तक मुझे ऐसा या इससे मिलता जुलता अवसर न मिल जाए:)
        15 hours ago · Like · 1
        Rajendra Singh ये व्यक्ति पर निर्भर करता हें हें वो भगत सिंह बनना चाहता हैं …या राय साहेब.,लार्ड वगेरा ….देश में सत्ता की चाशनी पर मडराने वाले चीटों का लम्बा इतिहास रहा हैं |…
        14 hours ago · Like
        Vikash Nath Kunwarji Pankaj gayaa agla no kiska hai??
        14 hours ago · Like
        Rishi Kumar Singh
        सब लोगों को अपनी चिंता सताने लगी है। शिशिर जी ने योग्यता का प्रश्न रखा है। आप लोग उधर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। पत्रकार से मीडियाकर्मी और मीडियाकर्मी से कम्यूनीकेशन एडवाइजर कोई यूँ थोड़े ही बन जाता है,भाई योग्यता बड़ी चीज है,जैसे की योग्य प…See more
        13 hours ago · Like
        Amitabh Shrivastava
        पंकज को बधाई, तमाम पत्रकारों को पछाडते हुए पीएम की खोल में घुसना आसान नहीं है भाई….। इसके लिये कई सारी खूबियों का होना आवश्यक होता है खासकर पत्रकारों में…आप कितने बडे चाटुकार हैं? आप कितने बडे नकटे हैं? आप कम्यूनीकेशन फिट करने में कितन…See more
        13 hours ago · Like · 4
        Prakhar Shrivastava अमिताभ दादा… तलेन ज़िंदाबाद…
        13 hours ago · Like
        Girish Mukul उनके व्यक्तिगत निर्णय पर दु:खी होना किस हद तक उचित है. बेशक वे अच्छे जर्नलिस्ट की लिस्ट में हैं……. जबर्नलिस्ट तो वे क़तई नही नज़र आए मुझे ..
        12 hours ago · Like
        Neeraj Dayal Pankaj Pachauri was always titted towards congress.This became clear many times during programmes on NDTV.Now he has been rewarded for that.
        12 hours ago · Like · 2
        Pankaj Jha बिछड़े सभी बारी-बारी. 🙁
        12 hours ago · Like
        Ashok Kr badhia hai
        12 hours ago · Like
        Neeraj Diwan मैं सोच रहा हूं.. पंकज सरकार के लिए काम करेंगे तो… एनडी क्या करेगा?
        11 hours ago · Like · 1
        Avinash Kumar Singh dekhiye rone pitane ka waqt nahi hai pankaj jo ndtv mei kar rahe the wahi sarkar ke saath rah kar karenge…..jo ndtv karta aa raha hai..
        11 hours ago · Like
        Avinash Kumar Singh Haan ek aur cheez ye sarkaar ka msg hai ki sarkar ke gun gaoege to meva milga hi….app tay karein ki app ko Kya chhahiye
        11 hours ago · Like
        Shyam Anand Jha Pankaj Pachouri Jaise Moorkhon Se Hindi Patrakarita Bhari Hai. Khuda Khair Kare Pradhanmantri Ka Aur Unke Communication Policy Ka!
        11 hours ago · Like
        Amit Bravo correct @ Amaresh Mallik @anurag arya—जिस ब्यबस्था परिवर्तन के लिय अन्ना हजारे और उनकी सहयोगी संगर्ष कर रहे है, पचौरी वहाँ क्यों नही गये…..? क्योंकि मलाई सरकार के पास होती है जनता के पास तो सिर्फ कटोरा……….
        11 hours ago · Like
        Sushil Singh Mantu ये शोक मनाने का वक़्त है !
        7 hours ago · Like
        Harendra Prasad Isko mai nahi manta aur iska matlab ki pahle pankajji ke liye gaurav ki bat nahi thi sarm ki bat thi kya?
        6 hours ago · Like
        Ashok Bansal pankaj ko uski tarakki ke liye badhai
        5 hours ago · Like
        Jugnu Shardeya खुशी की बात है – लेकिन क्या कोई भी मन्नु भाई मुनीम को सलाह दे सकता है
        5 hours ago · Like
        Amit Bhatt Unlike का ऑप्शन क्यों नहीं है…???
        3 hours ago · Like
        Krishna Bihari Mishra भगवान करें, वो सारे पटाखे, डिफ्यूज हो जाये। हमारे झाऱखंड में भी ऐसे बगुला भगत पत्रकारों की फौज हैं, जो राजनीतिज्ञो के कृपा पात्र बनकर अपनी हैसियत बढ़ाते रहते हैं, गर यही करना था, तो पत्रकारिता में आये क्यों… शार्टकट रास्ते के लिए………
        3 hours ago · Like
        Krishna Bihari Mishra
        इस व्यक्ति को मैं बहुत अच्छी तरह जानता हूं, इनकी देशभक्ति को मैंने उस वक्त देखा हैं, जब ये जम्मू कश्मीर में चुनाव कवरेज के लिए गये थे, और इनके द्वारा प्रसारित न्यूज को पाकिस्तान की सरकारी न्यूज चैनल ने प्रसारित किया था, ये कहकर कि देखिये एक…See more
        3 hours ago · Like
        Krishna Bihari Mishra और जब ये पीएम के कम्यूनिकेशन एडवाईजर बन ही गये तो ये क्या करेंगे, हमें पता हैं…………….एडवाईजर करते क्या हैं…..प्रधानमंत्री की भक्तियोग में रमे रहेंगे, पुल बनायेंगे…………देश और पत्रकारिता की सेवा ये क्या करेंगे खाक………….
        3 hours ago · Like
        Krishna Bihari Mishra जो पत्रकार, नेताओं से उपकृत होकर, बड़े पद पाये…………वो पत्रकार नहीं होता हैं……तो वो क्या होता हैं, वो खुद ही समझ ले…………शर्म शर्म शर्म और जो लोग ऐसे लोगों की वंदना करना अपनी शान समझते हैं, वे भी खुद समझ लें कि उन्हें क्या कहा जाये……………पत्रकारिता जिन्दाबाद…….पत्रकारिता की दलाली करनेवाले, मुर्दाबाद………………..
        3 hours ago · Like
        Shanti Bhushan राजनीति की रपटीली राहों में बड़े-बड़े धुरंधर फिसल जाते हैं पंकज दा की क्या बिसात है
        2 hours ago · Like
        Rajesh Raj पंकज पचौरी जी को बधाई।
        2 hours ago · Like
        Sharad Tripathi mujhe to manmohan singh par daya aa rahee hai
        2 hours ago · Like
        Nitin Dubey ab sawal ye hai, kya pankaj ji pm ko badal payenge ya khud badal jayenge
        2 hours ago · Like
        Tanishi Smita गुड़डा बोलेगा
        अब गूंगा गुड़डा भी किसी पत्रकार के सवाल का एक्‍सक्‍लूसिव जवाब देगा।
        about an hour ago · Like
        Saroj Arora Vrandavan mai rahna hai to radhey radhey kahna hai. Malai yu hi nahi milti. Ishwar bhi un par meharban hota jo usse yad karte hai.
        about an hour ago · Like
        Manoj Thakur muze to isme kusi ki koi bhat nachar nhai aa rahi
        about an hour ago · Like
        Mrityunjay Kumar patakhe oos din chhutenge jab ap bhi…
        about an hour ago · Like
        Sonu Upadhyay मनी मंत्र, दरअसल सरकार को खुश करने का मंत्र था. और वाकई में पचौरी जी ने असली देव को प्रसन्‍न कर लिया.
        22 minutes ago · Like

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
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