Vimal Kumar : मुझे दुःख है कि जाने-माने एक्टिविस्ट सुनील भाई के निधन की खबर अखबारों में नही आयी. एक आध में आयी हो तो कह नहीं सकता. मैंने भी खबर चलायी थी. हमारा मीडिया इतना असंवेदनशील और दलाल किस्म का है कि समझ में नहीं आता . कई लेखकों के जीने मरने की खबर भी नहीं देता लेकिन मोदी और राहुल का बकवास रोज़ दिखाता रहता है.
मीडिया मानसिक रूप से दिवालिया हो चुका. है. आजादी के नाम पर मनमर्जी करता रहता है. केवल ताक़तवर और सनसनी ख़बरों में उसकी दिलचस्पी है. सत्ता के इर्द गिर्द घूमता रहता है.
यूएनआई के वरिष्ठ पत्रकार और कवि विमल कुमार के फेसबुक वॉल से.





